नीरज चोपड़ा तो न सही, लेकिन उनका मुरीद जीतेगा मेडल… पाकिस्तान को मिला तोहफा!

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने के पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। मेडल के दावेदार गत चैंपियन जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव आने के कारण कॉमनवेल्थ गेम्स से हट गए हैं। यह चोट उन्हें यूजीन में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान लगी थी। वहां उन्होंने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इस 24 वर्षीय ओलिंपिक्स चैंपियन को बर्मिंघम में पुरुषों के जैवलिन थ्रो में अपने खिताब का बचाव करना था।

नीरज के हटने का मतलब है कि दो बार के वर्ल्ड चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स के साथ बर्मिंघम में उनका मुकाबला देखने को नहीं मिलेगा। वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीटर्स ने ही बाजी मारते हुए नीरज के हाथ गोल्ड नहीं लगने दिया था। पिछली बार कॉमनवेल्थ में जब दोनों ऐथलीट एक साथ उतरे थे तब पीटर्स तीसरे पर रहे थे और नीरज को गोल्ड मिला था। पीटर्स जोरदार लय में हैं और 90 के ऊपर लगातार थ्रो कर रहे हैं। फिर भी कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज से ही उनको सबसे अधिक खतरा था। अब जब नीरज हट गए हैं तो इवेंट का गोल्ड पीटर्स की झोली में जाता लगभग साफ नजर आ रहा है।

पाकिस्तान की हुई चांदी
पीटर्स का गोल्ड तो पक्का नजर आ रहा है। नीरज के हटने पर लड़ाई सिल्वर और ब्रॉन्ज के लिए होगी। वर्ल्ड चैंपियनशिप में टॉप 5 में शामिल रहे ऐथलीटों में से अब तीन ऐथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स में नजर नहीं आएंगे। ऐसे में पाकिस्तान की चांदी हो सकती है। वर्ल्ड ऐथलेटिक्स में पाकिस्तान के अरशद नदीम 86.16 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहे थे। यदि बाकी बचे ऐथलीटों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के प्रदर्शन को दोहराया तो नदीम के हाथ चांदी तय है। हालांकि ट्रिनिडाड ऐंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट भी होंगे जो अपना दिन होने पर पीटर्स को भी टक्कर दे सकते हैं।

रोहित और मनु पर दारोमदार
नीरज के हटने के बाद भी दो भारतीय ऐथलीट मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में मेडल का दावा पेश करेंगे। रोहित यादव और डीपी मनु। रोहित वर्ल्ड चैंपियनशिप में 78.72 मीटर के साथ कुल 10वें स्थान पर रहे थे। रोहित का बेस्ट 82.54 मीटर है और यदि वह अपने बेस्ट की बराबरी भी करते हैं तो भी मेडल की उम्मीद नहीं बनेगी। दूसरे ऐथलीट 22 साल के मनु का बेस्ट थ्रो 84.35 मीटर का है जो उन्होंने पिछले महीने इंटर स्टेट चैंपियनशिप में हासिल किया था। वर्ल्ड रैंकिंग्स खराब होने के कारण वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में क्वॉलिफाई नहीं कर सके थे, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में मिले मौके पर वह प्रभाव छोड़ सकते हैं।

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