अब भी पार्थ चटर्जी के लिए खुले हैं TMC के दरवाजे, क्या होगी वापसी?

कोलकाता

शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोप और करोड़ों की नकदी, सोना बरामदगी के बाद टीएमसी ने भले ही पार्थ चटर्जी पर कार्रवाई की हो लेकिन पार्टी में वापसी के दरवाजे उनके लिए अब भी खुले हुए हैं। टीएमसी के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि पार्थ को जांच होने तक सस्पेंड किया गया है। अगर वह निर्दोष साबित होते हैं तो वह फिर से पार्टी में आ सकते हैं। बता दें कि गुरुवार को पार्थ चटर्जी को मंत्रिपद से बर्खास्त कर दिया गया । इसके अलावा उन्हें पार्टी से भी निलंबित किया गया है।

दरअसल पार्थ चटर्जी को पार्टी से निलंबित किया गया है। किसी को निलंबित एक तय सीमा के लिए किया जाता है। वहीं निष्कासित करने के मतलब स्थायी रूप से बाहर करना होता है। जिस तरह उन्हें मंत्री पद से बर्खास्ति किया गया है उस तरह पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया।

ममता बनर्जी ने भी की थी जांच की समय सीमा की बात
अभिषेक बनर्जी की बात इसलिए और भी पुख्ता हो जाती है क्योंकि ममता बनर्जी ने भी कहा था कि ईडी को एक तय समय में जांच पूरी करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र एजेंसियों का इस्तेमाल करके पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहा है लेकिन यह उसकी गलत सोच है। \

मिथुन चक्रवर्ती पर वार
बता दें कि अभिषेक बनर्जी इस समय टीएमसी में नंबर दो पर हैं। उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब अभिषेक से मिथुन चक्रवर्ती के दावे पर सवाल किया गया तो वह हंसने लगे। उन्होंने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती को यह भी नहीं पता है कि बंगाल में कितने जिले और विधानसभा सीटें हैं। वह केवल बड़े नेता होने की डींगें हांक रहे हैं और खुद का मजाक बनवा रहे हैं।

बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया था कि टीएमसी के करीब 38 विधायकों से उनके रिश्ते अच्छे हैं और 21 तो सीधा संपर्क में हैं। उन्होंने कहा था कि अभी तो म्यूजिक लॉन्च है, फिल्म की रिलीज अभी बाकी है।त मिथुन ने आरोप लगाया था कि टीएमसी ने चुनावों में गड़बड़ी करके जीत हासिल की है।

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