कार से ड्यूटी पर पहुंचा रेलवे का गेटमैन, साहब ने थमा दी चार्जशीट

नई दिल्ली

यूं तो देश में अब किसी भी सरकारी दफ्तर में ग्रुप डी कर्मचारी नहीं है। लेकिन, अभी भी रेल महकमे में चपरासी, खलासी, गेटमैन, ट्रैकमैन जैसे कर्मचारियों को ग्रुप डी कर्मचारी ही कहा जाता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसे ग्रुप डी कर्मचारियों को कार से ड्यूटी आने की इजाजत नहीं है? उत्तर रेलवे में एक कर्मचारी ने ऐसा किया तो उसे उनके अधिकारी ने चार्ज शीट पकड़ा दिया। उल्लेखनीय है सरकारी नौकरी की तंगी के दौर में रेलवे में खलासी और गेटमैन पद पर काम करने के लिए भी बी. टेक, एम. टेक और ग्रेजुएट उम्मीदवार सामने आ रहे हैं।

एक गेटमैन के साथ हुआ ऐसा
अंग्रेजी अखबार पायनियर में छपी एक खबर के अनुसार यह वाकया गाजियाबाद जिले का है। इस जिले में हापुड़ के पास एक रेलवे क्रॉसिंग है। उस पर एक गेटमैन तैनात हैं। वह बीते 23 और 24 जुलाई की दरम्यानी रात ड्यूटी पर उपस्थित थे। उसी रात उत्तर रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर (PCE) सतीश कुमार पाण्डेय दिल्ली लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12430) से इंस्पेक्शन कर रहे थे। पाण्डेय ने देखा कि लेवल क्रॉसिंग संख्या 54 पर एक कार पार्क की गई है। पीसीई ने इस बारे में जवाब तलब किया कि क्रॉसिंग पर कार क्यों पार्क किया गया है। पूछे जाने पर पता चला कि कार उस लेवल क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन की है और वह उसी से ड्यूटी आया है। बस, इसी बात पर कर्मचारी की शामत आ गई।

कार से ड्यूटी पर आना प्रोटोकाल का उल्लंघन
उस कर्मचारी को उनके सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) ने बताया कि प्राइवेट फेमिली कार से ड्यूटी पर आना रेलवे के प्रोटोकाल  का उल्लंघन है। मतलब यह है कि निर्जन सुनसान स्थान में रात को ड्यूटी करने जाना पड़े, तब भी ग्रुप डी कर्मचारी अपनी कार का उपयोग नहीं कर सकते। भले ही वह पैदल चल कर आए। ऐसे में रास्ते में कहीं किसी अवारा कुत्ते ने दौड़ा लिया या काट लिया तो वह उसका टेंशन है।

गेटमैन को मिल गई चार्ज शीट
पीसीई के इंस्पेक्शन को हुए कुछ ही दिन हुआ था कि कर्मचारी को चार्ज शीट इश्यू हो गया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर, हापुड़ के हस्ताक्षर से जारी इस चार्ज शीट में लिखा है “आपने अपने समपार पर कार खड़ी करवा रखी थी। आपसे पूछे जाने पर पता चला कि वह कार आपकी ही है। आपके द्वारा कर से ड्यूटी करना रेल प्रोटोकाल के उल्लंघन में आता है। अत: आपका यह कृत्य ड्यूटी के प्रति लापरवाही दर्शाता है।”

गेटमैन को सस्पेंड करना सरासर गलत है: यूआरएमयू
रेल कर्मचारियों के यूनियन उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (URMU) के अध्यक्ष एस. एन. मलिक से इस बारे में एनबीटी डिजिटल ने प्रतिक्रया ली। उनका कहना है कि कार से ड्यूटी पर आने पर चार्ज शीट जारी करना सरासर गलत है। कोई व्यक्ति अपनी कार से ड्यूटी पर आता है या किसी और साधन से, यह मायने नहीं रखता है। मायने रखता है कि वह समय से ड्यूटी पर आए और अपना काम करे। इस समय रेलवे में ग्रुप डी कर्मचारी की नौकरी के लिए भी एम. टेक, बी. टेक और ग्रेजुएट लोग आ रहे हैं। पढ़े-लिखे लोग तो कार में चलते ही हैं। हो सकता है कि उस गेटमैन की पत्नी कमाती हो, घर से संपन्न हो। और फिर, रात में सुरक्षित ड्यूटी स्थल पर भी पहुंचना भी तो जरूरी है। वैसे भी अभी बरसात का दिन है। कार से जाना तो सबसे सुरक्षित है। ऐसे रास्ते में कुछ भी हो सकता है।

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