बिहार में दूरी, यूपी में दागी चेहरों से नजदीकी… जानिए धनंजय सिंह के जरिए JDU की क्या है तैयारी

लखनऊ

क्या जनता दल यूनाइटेड उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विस्तार करने जा रही है? सवाल इसलिए, क्योंकि पार्टी ने यूपी के चार नेताओं को कार्यकारिणी में जगह दी है। इसमें सबसे बड़ा नाम धनंजय सिंह का है। दो बार विधायक और एक बार जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह को बाहुबली के रूप में भी पहचाना जाता है। ऐसे में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की ओर से धनंजय सिंह के चयन पर प्रदेश के जदयू नेता ही सवाल उठा रहे हैं। सवाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों को लेकर भी उठाए जा रहे हैं। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह दागी चेहरों को लेकर जदयू की नीति भी है। बिहार में जदयू दागी चेहरों से दूरी बनाती दिख रही है। वहीं, यूपी में दागी चेहरों को पदों पर बैठा रही है।

धनंजय सिंह ने यूपी चुनाव 2022 में जदयू के टिकट पर जौनपुर के मल्हानी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में पार्टी को जीत नहीं मिल पाई। पिछले दिनों उनके खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ है। माफिया अजीत सिंह के मर्डर मामले में उनका नाम सामने आया है। इससे पहले जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या मामले में भी उनका नाम सामने आ चुका है। यूपी पुलिस ने धनंजय सिंह के खिलाफ 25 हजार का इनाम भी रखा है। वर्ष 2002 में धनंजय सिंह ने पहली बार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। वे निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। अब जदयू के यूपी में संगठन विस्तार का वे हिस्सा बनते दिख रहे हैं।

क्या फरार ईनामी पर दांव लगाकर फंसी जदयू?
जदयू ने फरार ईनामी पर दांव लगाया है। इसको लेकर प्रदेश के जदयू के नेताओं की ओर से सवाल खड़ा किया जा रहा है कि क्या यह पार्टी के लिए सही होगा? बिहार में पार्टी दागी चेहरों से अलग होती दिखी है। पिछले दिनों जदयू ने अनंत सिंह को इसी कारण पार्टी से बाहर किया था, क्योंकि उनकी छवि नीतीश कुमार की सुशासन वाली छवि को प्रभावित कर रही थी। इसी प्रकार पार्टी अन्य दागी चेहरों से खुद को अलग करती रही है। अब धनंजय सिंह को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर यूपी की राजनीति को गरमा दिया गया है।

नड्‌डा के बिहार दौरे के बाद हुई घोषणा
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने यूपी में संगठन विस्तार के संकेत देते हुए चार लोगों को संगठन में जगह दी है। यह सब उस दिन हुआ, जिस दिन बिहार की राजधानी पटना में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा संगठन के साथ चर्चा कर रहे थे। भाजपा प्रदेश में अपने विस्तार की रणनीति तैयार कर रही है। वहीं, जदयू ने इस कदम से साफ कर दिया है कि वह भी भाजपा के नए बन रहे किले उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करेगी। जदयू अध्यक्ष के कदम को राजनीतिक पंडित इस नजरिए से भी देख रहे हैं।

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