Decoding Operation Zawahiri: 4 महीने की ट्रैकिंग, ड्रोन अटैक… ऐसे ढेर हुआ जवाहिरी

काबुल,

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को बताया कि अल कायदा का चीफ अल जवाहिरी ड्रोन हमले में ढेर हो गया. अल जवाहिरी अफगानिस्तान के काबुल में छिपा था. जहां अमेरिकी एजेंसी CIA ने एयर स्ट्राइक कर उसे ढेर कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि जवाहिरी 9-11 की साजिश में शामिल था. इस हमले में 2977 लोगों की मौत हो गई थी. अल जवाहिरी पर 25 मिलियन डॉलर यानी 1.97 अरब रुपए इनाम था.

कहां छिपा था अल जवाहिरी ?
अल जवाहिरी ने काबुल में एक घर में पनाह ले रखी थी. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, तालिबान सरकार को अल जवाहिरी के घर में मौजूद होने की जानकारी भी थी. खास बात ये है कि जिस घर में जवाहिरी छिपा था, वह तालिबान के नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के काफी करीबी का था. इतना ही नहीं जिस घर में जवाहिरी छिपा था, वह अमेरिकी दूतावास और अमेरिकी सैन्य अड्डे के काफी पास था. अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में इन्हें खाली कर दिया था.

कैसे की गई अल जवाहिरी की मौत की प्लानिंग?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अल जवाहिरी को मारने का आदेश देने से पहले यह जानना चाहते थे कि आखिर अल कायदा चीफ कहां छिपा है? अमेरिका ने भले ही एक ही ड्रोन हमले में जवाहिरी को मार गिराया हो, लेकिन इसके लिए जो बाइडेन और उनके सलाहकारों को कई महीनों तक सीक्रेट मीटिंग कर प्लानिंग करनी पड़ी.

इसके लिए अमेरिकी खुफिया विभाग ने कई महीनों तक तैयारियां कीं. यहां तक कि जवाहिरी जिस घर में छिपा था, उसका भी एक छोटा सा मॉडल तैयार कर जो बाइडेन के लिए व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम के अंदर रखा गया था ताकि विकल्पों पर चर्चा हो सके.

कई महीनों की प्लानिंग के बाद किया गया हमला
जो बाइडेन के लिए ये अच्छा मौका था कि वे अपने कार्यकाल में दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकी के खात्मे का आदेश दें. जवाहिरी को अमेरिका पर 26-11 हमले के मास्टरमाइंड्स में एक माना जाता है. अमेरिका के एक सीनियर अफसर ने स्ट्राइक और प्लानिंग के बारे में जानकारी दी. कई महीनों की प्लानिंग के बाद शनिवार को स्ट्राइक करने का फैसला किया गया. इस दौरान बाइडेन ने अमेरिकी अधिकारियों को साफ निर्देश दिया था कि इस ऑपरेशन में किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए, चाहें वे जवाहिरी के परिवार के लोग ही क्यों न हों?

अंतिम विचार-विमर्श और ड्रोन हमले की अनुमति के दौरान बाइडेन कोरोना संक्रमित भी हो गए. उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस की बालकनी से इस स्ट्राइक की और जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की. बाइडेन का ये ऐलान उनकी छवि के लिए काफी अहम माना जा रहा है, दरअसल, अफगानिस्तान से 11 महीने पहले अमेरिका की सेना को वापस बुलाने के बाद से उनकी लगातार आलोचनाएं हो रही थीं. जो बाइडेन ने कहा, अब न्याय हो गया है. आतंकी जवाहिरी की मौत हो गई है. बाइडेन ने कहा, ”कोई फर्क नहीं पड़ता कितना समय हुआ, कोई फर्क नहीं पड़ता, तुम कहां छिपे हो. अगर तुम हमारे लोगों के लिए खतरा हो, अमेरिका तुम्हें खोज निकालेगा.”

अप्रैल में मिली थी छिपे होने की जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को सबसे पहले अप्रैल में जवाहिरी के काबुल में छिपे होने की जानकारी मिली थी. अमेरिकी अधिकारियों को जवाहिरी को काबुल में नेटवर्क से मिलने वाली मदद के बारे में जानकारी थी. इतना ही नहीं अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के माध्यम से उसकी पत्नी, बेटी और परिवार की पहचान की गई. बताया जा रहा है कि जवाहिरी के घर में मौजूद महिलाएं आतंकवादी ‘ट्रेडक्राफ्ट’ का इस्तेमाल करती थीं. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया था कि काबुल में जवाहिरी की लोकेशन की जानकारी सामने न आए. इतना ही नहीं जवाहिरी भी घर से बाहर नहीं निकला.

जैसे जैसे समय बीतता चला गया, अमेरिकी अधिकारियों ने घर में इस्तेमाल किए जाने वाले पैटर्न का पता किया. जैसे जवाहिरी कब कब घर की बालकनी पर आता है. अमेरिकी अधिकारी लगातार उसकी गतिविधियों की निगरानी कर रहा थे. इतना ही नहीं अमेरिका ने ऐसा ऑपरेशन तैयार किया, ताकि इमारत को नुकसान पहुंचाए बिना दुनिया के नंबर 1 आतंकी को टारगेट किया जाए. इतना ही नहीं अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात का भी ध्यान रखा कि नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. जवाहिरी जिस घर में रह रहा था, वह शहर में थी. ऐसे में अमेरिका के सामने कई चुनौतियां भी थीं. प्लान लीक न हो, इसे भी ध्यान में रखा गया, इसलिए काफी सीमित लोगों को इस प्लान में शामिल किया गया.

1 जुलाई को हुई अहम मीटिंग
1 जुलाई को बाइडेन ने इस प्लान पर चर्चा के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस में बैठक की. इस बैठक में सीआईए के निदेशक बिल बर्न्स, नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक एवरिल हैन्स, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और उनके डिप्टी जॉन फिनर और होमलैंड सिक्योरिटी एडवाइजर लिज़ शेरवुड रान्डेल मौजूद रहे. इस दौरान बाइडेन ने छोटी छोटी जानकारी भी अमेरिकी अधिकारियों से ली. इस दौरान जवाहिरी के घर के मॉडल को पेश किया गया. इस दौरान बाइडेन ने स्ट्राइक से घर पर पड़ने पर असर की भी जानकारी ली. इस दौरान वरिष्ठ वकीलों की टीम जवाहिरी से संबंधित खुफिया जानकारी की जांच करने और ऑपरेशन के लिए कानूनी आधार स्थापित करने के लिए काम कर रही थी. शनिवार को ड्रोन से Hellfire मिसाइल दागी गईं. मिसाइलों से काबुल में जवाहिरी के घर की बालकनी को टारगेट किया गया. इसके बाद खुफिया चैनलों ने इसकी पुष्टि की कि जवाहिरी मारा गया है. इतना ही नहीं उसके परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

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