प्रवीण राउत से मिला 3 करोड़ कैश, संजय राउत ने उसी रुपये से अलीबाग में खरीदे 9 प्लॉट?

मुंबई

पात्रा चॉल जमीन घोटाले में संजय राउत ईडी के शिंकजे में हैं। शिवसेना नेता पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इस बीच एक हजार करोड़ से ज्यादा के इस घोटाले की जांच कर रही ईडी की तफ्तीश में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई में मंगलवार को हुई छापेमारी के बाद पता चला है कि मुख्य आरोपी प्रवीण राउत से संजय राउत ने तीन करोड़ रुपये कैश लिए थे। बाद में कथित तौर पर इन्हीं पैसों से संजय राउत ने अलीबाग इलाके में 9 प्लॉट खरीद लिए। बताया जा रहा है कि राउत ने प्लॉट खरीदने के लिए नकद भुगतान किया था। ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद राउत को सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत से जुड़े पात्रा चाल धनशोधन मामले से जुड़े शहर में दो परिसरों की तलाशी ली। आरोप है कि पात्रा चावला भूमि घोटाले में फंसे शिवसेना सांसद संजय राउत ने 10 प्लॉट खरीदे और इसका भुगतान 3 करोड़ रुपये कैश में किया। अब ईडी नकद भुगतान की जांच कर रहा है जो राउत को कथित तौर पर एचडीआईएल और उनके करीबी दोस्त प्रवीण राउत से प्राप्त हुआ था।

HDIL के पूर्व अकाउंटेंट से पूछताछ
ईडी ने जिन दो परिसरों की तलाशी ली उनमें से एक उस व्यक्ति का था जो पहले एचडीआईएल से जुड़ा था और इसके नकद लेनदेन को संभालता था। ईडी ने मामले में उनका बयान दर्ज किया। ईडी उस नकदी की जांच कर रही है जो संजय राउत को प्रवीण राउत से मिली थी। प्रवीण एचडीआईएल की सहायक कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के निदेशकों में से एक थे। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या संजय राउत को एचडीआईएल से भी नकद भुगतान का निर्देश मिला था?

ईडी पहले ही कर चुकी है कुर्की
अन्य परिसरों की तलाशी एचडीआईएल के प्रमोटर राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग के थे, जो पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं। आरोप है कि पात्रा चॉल धोखाधड़ी सौदे से मिली नकदी को राउत को भेज दिया गया था और इस तरह के 3 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग अलीबाग में आठ प्लॉट खरीदने के लिए किया गया। ईडी ने पहले इन जमीनों को कुर्क किया था। ईडी अधिकारी नकद लेनदेन से जुड़े लोगों की जांच कर रहे हैं।

’70 पर्सेंट पेमेंट हुआ कैश’
ईडी का कहना है कि मध्य मुंबई में एक फ्लैट खरीदा गया। खिम में एक प्लॉट और अलीबाग में 10 जमीन के टुकड़े खरीदने के लिए कैश दिया गया। ईडी के वकील हितेन वेनेगांवकर ने अदालत को बताया, ‘इन जमीनों को खरीदने के लिए लगभग 60-70% राशि का भुगतान नकद में किया गया था।’

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