ताइवान को ‘जेल’ बनाने की तैयारी में जुटे शी जिनपिंग, समुद्र से आसमान तक चीनी सेना ने की घेरेबंदी

ताइपे

नैंसी पेलोसी की ताइपे यात्रा से भड़के चीन के राष्‍ट्र‍पति शी जिनपिंग की सेना पीएलए ने ताइवान को ‘जेल’ बनाने की तैयारी तेज कर दी है। चीनी सेना ने समुद्र से लेकर हवा तक ताइवान को ब्‍लॉक करना शुरू कर दिया है। चीन की सरकारी मीडिया का दावा है कि चीन की सेना ताइवान के चारों ओर 6 जगहों पर युद्धाभ्‍यास कर रही है और इसमें से एक तो ताइवान की मुख्‍यभूमि से मात्र 9 समुद्री मील की दूरी पर है। चीन ने ऐलान किया है कि इस पूरे इलाके में वह अगले कुछ दिनों तक अभ्‍यास करेगा। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन की इस घेरेबंदी की पुष्टि की है।

चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स के पूर्व संपादक हू शिजिन ने तंज कसते हुए कहा, ‘पीएलए ने ताइवान के चारों ओर 6 जगहों पर अभ्‍यास का ऐलान किया है। इनमें से एक तो ताइवान से मात्र 9 समुद्री मील की दूरी पर है। इस अभ्‍यास के दौरान ताइवान के मुख्य बंदरगाह और समुद्री रास्‍ते बंद रहेंगे। नैंसी पेलोसी ताइवान के लिए यह लेकर आई हैं।’ इस बीच ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि चीनी सेना ने ताइवान की जमीन का अतिक्रमण किया है और समुद्र तथा हवाई रास्‍ते से ब्‍लॉक करने का प्रयास कर रहा है।

चीन ने संयुक्‍त राष्‍ट्र के नियमों को तोड़ा: ताइवान
करीब 25 साल अमेरिका के किसी सर्वोच्‍च नेता के ताइवान जाने से चीन की सरकार भड़की हुई है और लगातार सैन्‍य कार्रवाई की धमकी दे रही है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन ने संयुक्‍त राष्‍ट्र के नियमों को तोड़ा है। ताइवान अपने क्षेत्र में किसी भी घुसपैठ का जवाब देगा। ताइवान ने कहा कि चीन के लाइव फायर अभ्‍यास से हवा और समुद्र में अंतरराष्‍ट्रीय समुद्री व्‍यापार खतरे में पड़ गया है। इससे अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था के लिए चुनौती पैदा हो गई है और ताइवान की खाड़ी में यथास्थिति को लेकर संकट पैदा हो गया है। पूरा इलाका खतरे में आ गया है।

ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने कहा क‍ि चीन मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ रहा है और लोगों से अपील की कि वे फेक न्‍यूज आने पर सरकार को बताएं। इस बीच नैंसी पेलोसी ने ताइवान की संसद से ऐलान किया है कि अमेरिका आगे भी ताइवान की पूरी मदद करता रहेगा। उन्‍होंने ताइवान की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन से मुलाकात भी की। इस बीच पूरे तनाव पर जापान भी नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस ब्‍लॉकेड को लंबे समय तक जारी नहीं रख पाएगा। उनका कहना है कि इस ब्‍लॉकेड के जरिए चीन अमेरिका नहीं बल्कि ताइवान को दंडित कर रहा है। यह चीन की घरेलू जनता को खुश करने के लिए है।

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