भेल के अफसरों के बंगलों पर 24 घंटे बिजली और कर्मचारी परेशान

-करोड़ों रूपये मेंटिनेंस के नाम पर खर्च लेकिन फिर भी नहीं सुलझ रही बीएचईएल की बिजली समस्या

भोपाल

बीएचईएल देश मे बिजली के उपकरण बनाने वाली सबसे बड़ी सरकारी कंपनी है लेकिन बीएचईएल की टाउनशिप की बिजली की समस्या कई सालों से जस की तस बनी हुई है । ऐबू यूनियन के महासचिव रामनारायन गिरी का कहना है कि हर साल बारिश आने से पूर्व करोड़ों रूपये मेंटिनेंस के नाम पर फूके जाते है और गर्मियों में घंटों बिजली काट कर मेंटिनेंस किया जाता है लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है जैसे ही बारिश होना चालू होती है वैसे ही फाल्ट आना चालू हो जाते है कर्मचारी पूरी रात बिजली कटौती से परेशान रहता है रात भर जाग कर सुबह अपनी ड्यूटी करने आता है लेकिन टाउनशिप का बिजली विभाग रात में आये फाल्ट को सुबह ही सुधारने पहुंचता है यहां तक कि सब स्टेशन पर बैठे कर्मचारी सही से जानकारी तक नही देते कई बार तो फोन ही नहीं उठाया जाता ।

श्री गिरी का कहना है कि एन-6 बंगले , चैलेट आदि आफिसर से जुड़े मकानों वाले एरिया को तो प्रबंधन द्वारा फैक्ट्री एवं हॉस्पिटल वाले फीडर से जोड़ कर रखा है जिससे भेल के अफसरों को तो इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन आम कर्मचारी परेशान हो रहा है टाउनशिप से जुड़ी बहुत सी परेशानियों को भेल नगर प्रशासन के मुखिया को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन आज तक किसी प्रकार की समस्या का कोई समाधान नहीं है वहीं उच्च प्रबंधन को भी इस संबंध में कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन टारगेट को पूरा करने के लिए तो हर बार हर फोरम पर बात होती है लेकिन कर्मचारियों के वेलफेयर से जुड़े मुद्दों पर उच्च प्रबंधन भी मुह फेर के बैठ जाता है,

मानो उनका सिर्फ और सिर्फ टारगेट से मतलब हो कर्मचारियों की समस्याओं से नहीं चाहे कर्मचारी बारिश में टपकती छत से परेशान रहे या रात रात भर बिजली गुल से या उखड़ी हुई सड़कों से या जर्जर मकानों में ढेरों समस्याओं से ,चाहे टाउनशिप में हो रही लगातार चोरियों से उसकी कोई सुनवाई नहीं है लेकिन उच्च प्रबंधन को कर्मचारियों में फैल रहे आक्रोश को समझना होगा साथ ही साथ यह भी समझना होगा कि जब कर्मचारी प्रसन्न मन से अपनी जॉब पर आएगा तो ही मन लगा कर कार्य करेगा नहीं तो उसका मन अपनी समस्या में ही उलझा रहेगा।

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