10 साल पहले वाला फार्मूले को अपनाएंगे नीतीश? अगले 24 घंटे बिहार NDA के लिए भारी

टना

बिहार में सियासी हलचलों के बीच जोड़तोड़ की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू एनडीए से बाहर जाने की चर्चाओं के बीच सभी पार्टियों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार को जेडीयू ने सभी सांसदों, विधायकों और एमएलसी की बैठक बुलाई है। उधर आरजेडी ने भी अपने विधायकों और सांसदों की मंगलवार को बैठक बुलाई है। खबर है कि बैठक से पहले आरजेडी ने सभी प्रवक्ताओं को हटा दिया है। किसी को भी बयानबाजी करने से सख्त मना किया है। इधर, कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को पटना में मौजूद रहने को कहा है।

कांग्रेस ने बुलाई विधायकों की बैठक
रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बातचीत की है। रविवार रात को हुई फोन पर बातचीत का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बिहार में नई सरकार के गठन पर चर्चा हुई है। टेलीफोन पर हुई बातचीत का असर पटना में दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और पार्टी विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने रणनीति बनाने के लिए सदाकत आश्रम में अपने विधायकों की एक बैठक बुलाई है।

एनडीए से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होंगे नीतीश?
इधर, जेडीयू और आरजेडी ने पहले ही अपने विधायकों और सांसदों को पटना पहुंचने के लिए कह दिया है। आरजेडी के विधायकों की मंगलवार को सुबह नौ बजे बैठक होगी और उसी दिन सुबह 11 बजे जेडीयू के विधायकों की बैठक होगी। कयास लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होकर महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।

नीतीश और तेजस्वी की हो चुकी हैं दो बैठकें
खबर है कि शनिवार और रविवार की रात नीतीश कुमार की पहले ही आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ दो बैठकें हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने सोनिया गांधी से फोन पर बातचीत की। उधर, डैमेज कंट्रोल में लगी बीजेपी के पास विकल्प नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व 2024 तक नीतीश के साथ सत्ता में बने रहना चाहता है। इन सब के बीच बिहार बीजेपी के नेता जेडीयू पर कटाक्ष भी कर रहा है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने अन्य नेताओं के अलावा नीतीश कुमार सरकार पर अक्सर हमला बोला है। 31 जुलाई को पटना में अमित शाह और जेपी नड्डा का रोड शो बीजेपी और जेडीयू के बीच खटास भरे राजनीतिक संबंधों में आखिरी कील साबित हो सकती है।

बीजेपी के ‘प्रवास’ से नीतीश नाराज
गौरतलब है कि बीजेपी ने बिहार के 200 विधानसभा क्षेत्रों में ‘प्रवास’ कार्यक्रम किया, जिससे जेडीयू काफी नाराज है। पार्टी के थिंक टैंक ने महसूस किया कि बीजेपी गठबंधन के मानदंडों का उल्लंघन कर रही है। इसलिए, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा था कि बीजेपी सभी 243 सीटों पर प्रवास कार्यक्रम करने के लिए स्वतंत्र है और जेडीयू भी ऐसा करने का हकदार है।

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