‘रोहिंग्याओं को फ्लैट’ पर पुरी ने करा दी सरकार की फजीहत, शरणार्थियों पर UN का चार्टर क्या कहता है

नई दिल्ली

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के रोहिंग्या शरणार्थियों को रहने के लिए दिल्ली में फ्लैट देने के ट्वीट के बाद बड़ा बवाल मच गया। सवाल उठे कि क्या केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार क्या वाकई में ऐसा करने जा रही है। आरएसएस से लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) तक इस खबर से नाराज हो गए। इन सबके बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मोर्चा संभाला और इस खबर का तुरंत खंडन कर डाला। गृह मंत्रालय ने साफ किया कि रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली में EWS फ्लैट देने की कोई आदेश नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल के दौरान संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रोहिंग्या शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी।

समझिए बवाल हुआ कैसे
दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार सुबह साढ़े 7 बजे एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा था कि रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए गए फ्लैट में भेजा जाएगा। मंत्री ने लिखा कि उन शरणार्थियों को मूलभूत सुविधाएं और पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी। पुरी ने ट्वीट में लिखा, ‘भारत ने हमेशा उन लोगों का स्वागत किया है जिन्होंने देश में शरण मांगी। एक ऐतिहासिक फैसले में सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला इलाके में स्थित फ्लैट में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्हें मूलभूत सुविधाएं यूएनएचसीआर (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त की ओर से जारी) परिचय पत्र और दिल्ली पुलिस की चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया की जाएगी।’ एक अन्य ट्वीट में पुरी ने लिखा कि जो लोग भारत की रिफ्यूजी पॉलिसी के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने का काम करते हैं और इसे सीएए से जोड़ते हैं उन्हें अब निराशा मिलेगी। भारत संयुक्त राष्ट्र के रिफ्यूजी कन्वेंशन 1951 को मानता है और रंग, धर्म और जाति के बिना जिसे भी जरूरत है उसे शरण देता है।

ट्वीट के बाद बुरी तरह घिरे पुरी
रोहिंग्या शरणार्थी मामले पर ट्वीट के बाद केंद्रीय मंत्री पुरी सोशल मीडिया पर बुरी तरह घिर गए। विश्व हिंदू परिषद ने भी सरकार से इस मसले पर फिर से विचार करने की मांग कर दी। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मांग कि रोहिंग्या को फ्लैट देने की बजाए उन्हें वापस भेजने की जरूरत है।

आप का हमला
पुरी के इस ट्वीट के बाद दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी केंद्रीय मंत्री को निशाने पर ले लिया। आम आदमी पार्टी (आप) ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग इस बात को मंजूर नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर भी लोग पुरी को घेरने लगे। बीजेपी भी लोगों के निशाने पर आ गई।

आनन-फानन में गृह मंत्रालय की सफाई
पुरी के ट्वीट के कुछ घंटे बाद ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सफाई जारी कर दी। मंत्रालय ने साफ किया रोहिंग्या घुसपैठिए को फ्लैट नहीं दिए जाएंगे और वे डिटेंशन सेंटर में ही रहेंगे। मंत्रालय ने ये भी बताया कि रोहिंग्या शरणार्थियों को उनके देश में निर्वासित किया जाएगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर कानूनी प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
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गृह मंत्रालय के बयान पर पुरी की सफाई
रोहिंग्या शरणार्थी पर गृह मंत्रालय के बयान के तुरंत बाद पुरी ने सफाई देते हुए कहा कि गृह मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रोहिंग्या घुसपैठिए के मसले पर सही स्थिति बता दी है।

रोहिंग्या शरणार्थियों पर संसद में अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2019 में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान रोहिंग्या शरणार्थियों का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत कभी बतौर नागरिक स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के रास्ते भारत में आ जाते हैं। पर उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। शाह ने कहा था कि मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि हमें मुसलमानों से नफरत नहीं है और इस बिल का भारत के नागरिक मुसलमानों से कोई लेना देना नहीं है।

शरणार्थियों पर UN का चार्टर क्या कहता है
1951 के संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी चार्टर के अनुसार, दुनिया के हर इंसान को यातना और उत्पीड़न से बचने के लिए दूसरे देश में शरण लेने का अधिकार है। हालांकि, साथ ही इसमें ये बात भी जोड़ी गई है कि शरण पाना कोई अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अधिकार नहीं होगा। उधर, जिनेवा संधि के अनुसार शरणार्थियों को उन देशों में भेजे जाने पर रोक है जहां उनका उत्पीड़न हुआ हो।

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