‘द कश्मीर फाइल्स’ के ऑस्कर नॉमिनेशन के खिलाफ बॉलीवुड चला रहा कैंपेन: विवेक

फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर विवेक अग्निहोत्री ने बॉलीवुड पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इंडस्ट्री ‘द कश्मीर फाइल्स’ के ऑस्कर्स में नॉमिनेशन के खिलाफ एक कैंपेन चला रहा है. कुछ दिनों पहले विवेक अग्निहोत्री ने अनुराग कश्यप को ट्विटर पर जवाब दिया था. सबसे पहले मैं यह क्लीयर करना चाहता हूं कि मैं राजामौली और उनकी फिल्मों का मुरीद रहा हूं. मैंने हमेशा देश के बेहतरीन डायरेक्टर्स में राजामौली जी का नाम लिया है. नॉर्थ में जब राजामौली उतने पॉप्युलर नहीं हुए थे, मैं तबसे उनका बड़ा फैन रहा हूं. मैंने खुद आरआरआर फिल्म लोगों को दिखाई है.

विवेक ने आगे कहा था कि मैं तो सबसे बड़ा ब्रांड एंबैस्डर बनूंगा, अगर आरआरआर फिल्म ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होती है. लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि यहां बैठे जो बॉलीवुड के लोग हैं, उन्होंने क्यों कैंपेन शुरू किया है. उसका क्या कारण है, यह समझ नहीं पा रहा हूं. भई ज्यूरी बैठेगी, जो फिल्म जानी होगी, वह ऑस्कर के लिए जाएगी. इनके पीछे बहुत बड़ा मकसद है.

विवेक ने कही यह बात
‘द कश्मीर फाइल्स’ के ऑस्कर्स नॉमिनेशन को लेकर विवेक ने कहा कि मेरी फिल्में ‘बुड्ढा इन अ ट्रैफिक जैम’ और The Tashkent Files, दोनों को ही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और क्रिटिक्स ने बॉयकॉट किया था. और अब सभी लोग मिलकर ‘द कश्मीर फाइल्स’ के खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं. पहली बात तो यह कि किसी को भी हक नहीं कि वह कोई कम्प्लेन कर सके. अगर मैं अपनी बात करूं तो लोगों ने मेरी Buddha In a Traffic Jam, The Tashkent Files बॉयकॉट की थी. इसमें सभी बॉलीवुड क्रिटीक्स शामिल रहे.

विवेक ने आगे कहा कि जबसे ‘द कश्मीर फाइल्स’ का ऑस्कर्स में सब्मिशन की बात सामने आई है तो एक्स्पर्ट्स कई चीजें कह रहे हैं. यह बहुत ही सीरीयस टॉपिक है. मैं इसे बहुत सीरीयसली ले रहा हूं. मेरे हिसाब से, बॉयकॉट ऑडियन्स का वह गुस्सा है, जिसमें हम प्रोड्यूसर्स और स्टार्स का मिडिल क्लास इंसान के साथ डिसकनेक्ट देखते हैं. प्रोड्यूसर्स और स्टार्स लोगों को जिस तरह से अपना अभिमान दिखाते हैं, वह गलत है.

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