13.3 C
London
Friday, March 20, 2026
Homeराज्यपुणे में GBS से हाहाकार, एक की मौत, 13 वेंटीलेंटर पर और...

पुणे में GBS से हाहाकार, एक की मौत, 13 वेंटीलेंटर पर और 67 संक्रमित, खौफ में लोग

Published on

पुणे

महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के एक दिन में 8 नए मामले मिले हैं। इसी के साथ राज्य में उक्त रोग से प्रभावित होने वालों की संख्या 67 तक पहुंच गई है। वर्तमान में पुणे में जीबीएस के सबसे अधिक रोगी हैं, जिसके बाद यहां लोगों में डर फैल गया है। बुधवार तक बीमारी से बाधित होने वालों की संख्या 59 थी।

क्या है जीबीएस
जीबीएस एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से तंत्रिकाओं पर हमला करती है। यह तंत्रिकाओं के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाती है और मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी, संतुलन की हानि, और पक्षाघात का कारण बनती है।

13 मरीज वेंटीलेटर पर
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पुणे ग्रामीण में 39, पुणे मनपा में 13, पिंपरी चिंचवड मनपा में 12 और 3 रोगी अन्य जिलों से हैं। इसमें 43 पुरुष और 24 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से 13 रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। 19 वर्ष तक के कुल 33 लोग प्रभावित हैं। वहीं 20 वर्ष से 80 वर्ष के कुल 34 मरीज रोग से बाधित हुए हैं।

लोगों से अपील, डरे नहीं
बीमारी के लेकर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि बिना डरे उचित इलाज से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से अपील की कि वे न डरें। संक्रमण में अचानक वृद्धि की जांच के लिए एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जीबीएस के पहले संदिग्ध मामले में 64 वर्षीय महिला की मौत हो गई है।

जीबीएस के लक्षण
डॉक्टर्स ने बताया कि यह एक संक्रामक बीमारी है, और आमतौर पर वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद होती है। यह टीकाकरण के बाद भी हो सकती है। मरीज अक्सर दो हफ्तों के अंदर श्वसन (बुखार, खांसी, नाक बहना) या जठरांत्र संक्रमण (पेट दर्द, दस्त) के लक्षण बताते हैं। पैरों और बाहों में तेज़ी से होने वाली गंभीर कमज़ोरी की नैदानिक विशेषताओं से जीबीएस होने का संदेह होना चाहिए।

पुणे में अभी जीबीएस का कारण क्या है?
अभी पुणे में जीबीएस के बढ़ते मामलों के पीछे कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी है। कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी एक सर्पिल आकार का, ग्राम-नेगेटिव जीवाणु है जो दुनिया भर में खाद्य जनित गैस्ट्रोएंटेराइटिस का एक प्रमुख कारण है। यह आम तौर पर जानवरों, खास तौर पर मुर्गी की आंतों में पाया जाता है और दूषित या अधपके मांस, बिना पाश्चुरीकृत डेयरी उत्पादों या अनुपचारित पानी के सेवन से मनुष्यों में फैलता है।

सी. जेजुनी के कारण होने वाला संक्रमण, जिसे कैम्पिलोबैक्टीरियोसिस के रूप में जाना जाता है, आमतौर पर दस्त (कभी-कभी खूनी), पेट में ऐंठन, बुखार, मतली और उल्टी के रूप में प्रकट होता है। लक्षण आमतौर पर संपर्क के 2-5 दिन बाद दिखाई देते हैं और लगभग एक सप्ताह तक रहते हैं। जबकि अधिकांश मामले बिना उपचार के ठीक हो जाते हैं, गंभीर संक्रमण, निर्जलीकरण या जटिलताओं के लिए एज़िथ्रोमाइसिन या सिप्रोफ्लोक्सासिन जैसे एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता हो सकती है।

एक महत्वपूर्ण चिंता सी. जेजुनी का संक्रमण के बाद की जटिलताओं से जुड़ाव है, जैसे कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS), एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार जो मांसपेशियों की कमजोरी और पक्षाघात का कारण बनता है। कुछ व्यक्तियों में प्रतिक्रियाशील गठिया भी हो सकता है।

Latest articles

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

नवरात्र के पहले दिन रिकॉर्ड 622 रजिस्ट्रियां, सात करोड़ की आय

भोपाल भोपाल में चैत्र नवरात्र के पहले दिन संपत्ति रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड बना है। एक...

भोपाल में नहीं दिखा ईद का चांद, आज धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

भोपाल भोपाल में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते अब शुक्रवार...

कटारा हिल्स में रजाई-गद्दे की दुकान खाक, दमकल की देरी से भड़का लोगों का गुस्सा

भोपाल भोपाल। राजधानी के कटारा हिल्स स्थित स्प्रिंग वैली क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात...

More like this

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

टीकाकरण महिलाओं और किशोरियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य की दिशा में बीएचईएल द्वारा क्रांतिकारी कदम — ईडी

हरिद्वार भेल  हरिद्वार के मुख्य चिकित्सालय में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...