कैच छूट रहे थे और बज रही थीं तालियां, क्रिकेट को जीने वाला देश ऐसी हार कैसे पचाएगा

नई दिल्ली

एडिलेड के मैदान में टीम इंडिया के खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव के कैच छोड़ने पर जोरदार तालियां बज रही थी। दरअसल, ये हताशा और निराशा थी। क्रिकेट को जीने वाले देश को ये हार नहीं पच रही थी। क्या-क्या सपने संजोए थे। सब स्वाहा हो चुका था। ये ताली ये बजा रहे थे कि आप कितने घटिया खेल रहे थे। ना तो आपकी बैटिंग चली न बॉलिंग। आंखें पथरा गई थीं। 2007 के बाद से अबतक कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं उठा पाए। भला ऐसे कोई खेलता है क्या? एक अदद विकेट के लिए तरस रहे थे। उसपर कैच भी छोड़ दिया। हद है भाई। ऐसे में क्या करें दर्शक। ताली ही बजाएंगे न?

आप ही बताएं क्या करें?
सुबह से इस उम्मीद में थे कि टीम इंडिया जीत जाएगी। रविवार को ऑफिस आने तक का प्लान कर लिया था। रोहित शर्मा और उनकी पूरी टीम ने सबकुछ तबाह कर दिया। जब टीम इंडिया के बल्लेबाज बैटिंग कर रहे थे तो बैट पर बॉल नहीं आ रही थी। और जब इंग्लैंड के बल्लेबाज बैटिंग कर रहे थे तो हर गेंद सीमा पार जा रही थी। हम तो हार में, जीत में आपके साथ होते थे। लेकिन कोई ऐसा खेलता है क्या। जिस पाकिस्तान के टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा था वह फाइनल में पहुंच गया और आपने यहां हमारी ऐसी की तैसी करा दी।

बड़े मैच में टायं टांय फिस्स
अरे हम तो भारतीय दर्शक हैं। जीत में आपकी जय-जयकार करते थे। सूर्या, रोहित, विराट कह-कहकर गला सूखा लेते थे। लेकिन आपने तो हमें एक छटाक खुशी भी नहीं थी। 2007 से इस उम्मीद में हैं कि आप विश्व मंच पर कुछ अच्छा कर जाएं लेकिन हूहं हूंह। आप तो बड़े मैच को जैसे ना जीतने की कसम ही खा रखी है। ये हम नहीं कह रहे हैं आंकड़े इसके गवाह हैं।

2014 के टी-20 विश्वकप फाइनल हारे
2015 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में हारे
2016 के टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में हारे
2017 के चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल हारे
2019 के विश्वकप के सेमीफाइनल में हारे
2021 के टेस्ट चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल हारे
2022 के टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में हारे

ठुक-ठुक खेलने आए थे?
दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार टीम इंडिया के खिलाड़ी जब पिच पर खेलने उतरे तो ठुक-ठुक खेल रहे थे। जिन गेंदों पर रन बन सकते थे उसपर भी एक रन टाल रहे थे। अरे भाई आप टी-20 खेल रहे थे। यहां तो पहली गेंद से दे दनादन होता है। इंग्लैंड नो तो सिखा ही दिया होगा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने हमारे स्पिन गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी थी। वहीं भारतीय बल्लेबाजों से तो इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों पर रन ही नहीं बन रहे थे। कहां तो कहा जाता है कि भारतीय खिलाड़ी स्पिन गेंदबाजों को अच्छा खेलते हैं। हूंह हूंह। माफ कीजिएगा रोहित जी आपकी टीम बेहद खराब खेली। हम आपकी हार पर ताली बजा रहे थे तो इसमें हमारी क्या गलती है।

पाकिस्तान से सीख लेते
टूर्नामेंट में एक वक्त ऐसा था जब पाकिस्तान बाहर होने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन नीदरलैंड की जीत और दक्षिण अफ्रीका की हार ने पाकिस्तान की किस्मत खोल दी और उनसे उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। पाकिस्तान ने जज्बा दिखाया और उसे फायदा हुआ।

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