50 जवान 20 सीसीटीवी कैमरे, महाठग सुकेश चंद्रशेखर पर ऐसे रखी जा रही 24 घंटे निगरानी

नई दिल्ली

यमुनापार की मंडोली की जेल नंबर-14 में बंद 200 करोड़ रुपये की महाठगी करने वाले आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की सुरक्षा में कहीं कोई चूक ना रह जाए, इसके लिए तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपनी ओर से पुख्ता प्रबंध किए हैं। उसे थ्री लेयर के सुरक्षा कवच में रखा गया है। जहां पहला सुरक्षा घेरा आईटीबीपी का, दूसरा सीआरपीएफ का और तीसरा जेल के सुरक्षा जवानों का है। इसके अलावा करीब 20 सीसीटीवी कैमरों से इसकी हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस पूरे काम के लिए आईटीबीपी, सीआरपीएफ और जेल के करीब 25 जवानों को लगाया गया है। जो निगरानी रखने के साथ ही इसे भी सुनिश्चित करते हैं कि उसपर कोई अन्य कैदी हमला ना कर दे।

तिहाड़ जेल सूत्रों ने बताया कि मंडोली की जेल नंबर-14 के सेल में उसे अकेले रखा गया है। 15 बाई 15 फुट वाले सेल के अंदर ही टॉयलेट है। इसके मनोरंजन के लिए टीवी भी दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आए दिन जेल से पत्र लिखकर किसी ना किसी अफसर और मंत्री के खिलाफ पैसा लेने और जेल के अंदर अपनी जान को खतरा बताने जैसे आरोप लगाने वाले सुकेश के एक मामले की शुरुआत इस साल 31 अगस्त से भी हुई। सूत्रों का कहना है कि इसी मामले को लेकर सुकेश ने सीआरपीएफ के उपर उसके साथ मारपीट का आरोप लगाया था।

सूत्रों का कहना है कि असल में इसके पास मोबाइल फोन या अन्य कोई प्रतिबंधित सामान होने के शक में जेल अधिकारियों ने सीआरपीएफ के जवानों को साथ लेकर इसके सेल में तलाशी ली थी। इसी क्रम में सीआरपीएफ के जवान ने इसकी भी तलाशी ली थी। बताया जाता है कि इसी बात को लेकर इसने सीआरपीएफ के जवानों पर उसके प्राइवेट पार्ट जोर से दबाने और अन्य तरह से प्रताड़ित करने आरोप लगाया था। जेल सूत्रों का कहना है कि इसकी तमाम फुटेज इसके सेल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। जिसे संबंधित कोर्ट को भी दिखा गया। अब जेल अधिकारी इसके खिलाफ सीआरपीएफ और अधिकारियों पर झूठा आरोप लगाने के मामले में इसके खिलाफ पनिशमेंट टिकट काटने की प्रक्रिया कर रहे हैं। जिसमें इसके ऊपर जेल में रहते हुए मिल रही कुछ सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

काफी हद तक संभावना है कि शुरुआत में इसके जेल कैंटीन से खरीदे जाने वाले सामान पर रोक लगा दी जाए। इसका खुलासा भी जल्द हो जाएगा। सुकेश के सेल के अंदर और बाहर हर कोने को कवर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, इसके पास जेल या अन्य सुरक्षा एजेंसी का जो भी जवान या अधिकारी इससे मिलने जाता है, तब वह बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस होता है। ताकि बाद में सुकेश किसी भी स्टाफ पर किसी तरह से मारपीट करने या प्रताड़ित करने का आरोप ना लगा सके।

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