4 दिन पहले जताई थी हत्या की आशंका, आज मिला शव… बदायू में हिंदू नेता के मर्डर से हड़कंप

बदायूं

उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक हिंदू नेता की हत्या का मामला सामने आ रहा है। विश्व हिंदू सेवा दल के जिला अध्यक्ष प्रदीप कश्यप की गोली मार कर हत्या कर दी गई। 35 वर्षीय प्रदीप को गांव के बाहर गोली मारी गई है। उनका शव शनिवार की सुबह बरामद किया गया। इसके बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गिधौल गांव में इस घटना को अंजाम दिया गया। चकरोड के किनारे खेतिहर इलाके में प्रदीप का शव पाया गया। यह इलाका गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पड़ता है। मामला सामने आते ही पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। दरअसल, 4 दिन पहले ही प्रदीप कश्यप ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस में शिकायत भी की। लेकिन, उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

हिंदू नेता की हत्या मामले में आरोप गांव के कोटेदार के शिकायतकर्ताओं पर लगाया जा रहा है। दरअसल, हिंदू नेता प्रदीप कश्यप कोटेदार और शिकायतकर्ता के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे। शिकायत करने वाला समझौता करने को राजी नहीं था। इसी मामले के बीच प्रदीप कश्यप की हत्या हो गई। गांव वालों की मानं तो शुक्रवार की रात प्रदीप की गाड़ी रुकवाकर गोली मारी गई। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया, जब प्रदीप घर लौट रहे थे। प्रदीप का शव उनकी सफारी गाड़ी के करीब पड़ा मिला। वहां पर एक तमंचा भी पाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दूसरी तरफ, गांव के विरोधी पक्ष के खिलाफ हिंदू नेता के परिजनों ने तहरीर दी है।

कोटा वितरण को लेकर हुआ था विवाद
मृतक प्रदीप कश्यप मूसाझाग थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। विश्व हिंदू सेवा दल के जिलाध्यक्ष थे। घर लौटने के क्रम में शुक्रवार की रात उनकी हत्या हो गई। घटना के कारणों की तह में जाएंगे तो पाएंगे कि दो लोगों के झगड़े में तीसरे की जान चली गई। दरअसल, करीब एक साल पहले गांव के राशन डीलर मानसिंह का धीरेंद्र और उसके भाई फुलवारी से झगड़ा हो गया था। कोटा वितरण के दौरान यह झगड़ा हुआ। इस विवाद के बाद दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। पिछले दिनों एक बार फिर दोनों पक्ष भिड़ गए। राशन डीलर मानसिंह ने पुलिस के सीनियर अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी। वहीं, इंस्पेक्टर राजेश यादव ने तब हिंदू नेता प्रदीप को दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने को कहा।

विश्व हिंदू सेवा दल के नेता प्रदीप कश्यप ने 16 नवंबर को गांव के प्रेमपाल के घर पर दोनों पक्षों को बुलवाया। मौके पर बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। सबकी मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा लिखवा दिया गया। कुछ देर बाद धीरेंद्र और फुलवारी किसी बात पर उत्तेजित हुए और सुलहनामा फाड़कर फेंक दिया। प्रदीप से कहा कि बड़ा नेता बनता है, पहले तुमसे ही निपट लें। प्रदीप की दोनों भाइयों ने जमकर पिटाई कर दी। अन्य लोगों ने प्रदीप को उस समय बचा लिया। दोनों भाई जान से मारने की धमकी देते हुए तब चले गए।

पुलिस में की थी शिकायत
प्रदीप ने इस घटना की शिकायत पुलिस में की। जान का खतरा बताया। मंत्री स्तर तक इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। घरवालों का भी कहना है कि चार दिन पहले प्रदीप ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। लेकिन, कार्रवाई तब कुछ भी नहीं की गई। इस मामले में बदायूं एसएसपी डॉ. ओपी सिंह का कहना है कि घटनास्थल पर बरामद तमंचे की जांच कराई जा रही है। घरवालों की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। अभी तक कोटे की रंजिश में मर्डर का कारण सामने आया है। आरोपियों की तलाश चल रही है।

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