पांडव नगर हत्याकांड: न मर्डर वेपन मिला, न बॉडी के 4 टुकड़ों को तलाश पाई पुलिस

नई दिल्ली,

पांडव नगर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने भले ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया हो, लेकिन अभी भी हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हो पाया है. इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस को अभी तक शव के बाकी चार टुकड़े भी बरामद नहीं हुए हैं. दिल्ली पुलिस को पांडव नगर के रामलीला मैदान में जून में शव के टुकड़े मिले थे. पुलिस को चार दिन तक शव के टुकड़े बरामद हुए थे. इनमें सिर भी शामिल था. पुलिस ने मृतक की पहचान अंजन दास के तौर पर की थी. पुलिस ने इस मामले में उसकी पत्नी पूनम और सौतेले बेटे दीपक को गिरफ्तार किया है.

हथियार और शव के टुकड़े नहीं हुए बरामद
पुलिस के मुताबिक, पूनम को शक था कि अंजन दीपक की पत्नी और उसकी सौतेली बेटी पर बुरी नजर रखता है. ऐसे में दीपक और पूनम ने मिलकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव के 10 टुकड़े किए और इन्हें फ्रिज में रखा. दोनों एक एक कर शव के टुकड़ों को पांडव नगर के रामलीला मैदान में फेंक दिया था.

समाचार एजेंसी ने दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अभी तक मर्डर में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं. दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, ऐसे में उनसे पूछताछ कर हथियार और शव के बाकी टुकड़ों के बारे में पूछा जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक शव के 6 टुकड़े ही बरामद हुए हैं.

पूनम ने अंजन के साथ की थी तीसरी शादी
पुलिस के मुताबिक, पूनम घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती है. अंजन के साथ पूनम की ये तीसरी शादी थी. जबकि अंजन की पहले से एक शादी बिहार में हुई थी. उसके 8 बच्चे हैं. पूनम का कहना है कि अंजन कोई काम धंधा नहीं करता था, ऐसे में वह उसी पर आश्रित था. इतना ही नहीं अंजन पूनम से पैसे लेकर अपने परिवार को भेजता था.

अप्रैल में पूनम ने अंजन दास की हत्या की साजिश रची. दोनों ने 30 मई को शराब में नींद की गोलियां मिला कर अंजन को दे दी. इसके बाद दोनों ने चाकू से अंजन पर कई बार किए. इसके बाद उसके शव को खून सूखने तक छोड़ दिया. अगले दिन दोनों ने शव के 10 टुकड़े किए और फ्रिज में रख दिए. बाद में तीन चार दिन में इन टुकड़ों को ठिकाने लगा दिया.

यह मामला श्रद्धा मर्डर केस की तरह ही है. श्रद्धा की हत्या का आरोप उसके लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला पर है. आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर शव के 35 टुकड़े किए. इसके बाद इन्हें एक फ्रिज में रखा. आफताब हर रोज श्रद्धा के शव का एक टुकड़ा महरौली के जंगल में फेंकता था.

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