14.7 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यसुरक्षा में कटौती के बाद अब छिनेगा शिवपाल यादव का बंगला? यूपी...

सुरक्षा में कटौती के बाद अब छिनेगा शिवपाल यादव का बंगला? यूपी सरकार ने उठाया ये कदम

Published on

लखनऊ,

मैनपुरी में राजनीतिक विरासत को बचाने के लिए चाचा-भतीजे एक मंच पर जनसभाएं कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ शिवपाल यादव की भतीजे अखिलेश से नजदीकी मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती हैं. कारण, हाल ही में शिवपाल यादव की सुरक्षा में कटौती की गई तो अब बारी उनके सरकारी बंगले की भी हो सकती है. दरअसल, राज्य संपत्ति विभाग में शिवपाल यादव के बंगला आवंटन की फाइल से धूल हटाकर निरीक्षण शुरू हो गया है. साथ ही गोमती रिवरफ्रंट से जुड़ी फाइलों को भी खंगाला जाने लगा है.

बता दें कि साल 2018 में शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई थी. जिसके बाद उत्तर प्रदेश शासन को शिवपाल यादव की जान का खतरा लगा और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई. सरकार ने लाल बहादुर शास्त्री मार्ग का 6 नंबर आलीशान बंगला भी शिवपाल यादव को एलॉट कर दिया और यही बंगला प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का केंद्रीय कार्यालय भी बन गया. साल 2018 से 2022 तक चाचा भतीजे की बीच वाक्युद्ध चलता रहा. गिला शिकवा भी होता रहा.

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और प्रसपा गटबंधन भी हुआ, लेकिन नतीजे आने के बाद चाचा भतीजे के बीच मान सम्मान को लेकर जुबानी कुश्ती होने लगी. समाजवादी पार्टी ने भी शिवपाल सिंह को लिखकर दे दिया कि जहां मन हो वहां जा सकते हैं. लेकिन लंबे समय से बीमार चल रहे मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद होने वाले संस्कार कार्यक्रमों में चाचा-भतीजे के बीच जमी बर्फ पिघलने लगी और मैनपुरी के उपचुनाव में डिंपल यादव के मैदान में आते ही चाचा भतीजे एक हो गए. शिवपाल यादव डिंपल यादव के लिए प्रचार करने लगे.

27 नवंबर को सुरक्षा में की गई कटौती
इसी बीच 27 नवंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस के सुरक्षा मुख्यालय ने शिवपाल यादव की सुरक्षा को Z श्रेणी से घटाकर Y श्रेणी कर दिया और सुरक्षा में कमी का पत्र पुलिस कमिश्नर लखनऊ और एसएसपी इटावा को भेज भी दिया गया. सुरक्षा में कमी के पीछे की वजह तो राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की संस्तुति को बताया गया, लेकिन राजनीति के रंग को समझने वाले जानते हैं Z से Y क्यों हुआ.

मिली जानकारी के अनुसार अब उत्तर प्रदेश का राज्य संपत्ति विभाग शिवपाल यादव के 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित सरकारी आवास की फाइलों को भी खंगाल रहा है. वैसे उत्तर प्रदेश में नियम है कि किसी भी दल के सरकारी विधायक को लखनऊ में सरकारी आवास दारुलशफा, ओसीआर, नया विधायक निवास में ही दिया जाता रहा है. सत्तारूढ़ दल का विधायक मंत्री बनेगा तो उसके कद से बंगला मिलेगा. लेकिन सिर्फ विधायक हैं तो इन्हीं जगहों पर सरकारी आवास मिलता रहा है.

विधायकों में सिर्फ शिवपाल को मिला अलग बंगला 
शिवपाल यादव के लिए मामला उलट था. शिवपाल यादव अकेले ऐसे विधायक हैं, जिनको बीजेपी सरकार ने लाल बहादुर शास्त्री मार्ग का 6 नंबर आलीशान बंगला दे दिया. इस बंगले में 12 बैडरूम, 4 बड़े हॉल, दो डाइनिंग हॉल हैं. यही आलीशान बंगला शिवपाल यादव का सरकारी आवास भी है और उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का दफ्तर भी. सूत्रों के अनुसार बंगला आवंटन के विभाग ने शिवपाल यादव के सरकारी आवास से जुड़े दस्तावेजों की फाइल खंगालना शुरू कर दिया है. माना तो यहां तक जा रहा है कि मैनपुरी का चुनाव निपटते ही शिवपाल यादव के बंगले पर भी सरकार के आला हुक्मरान अपना फैसला सुना देंगे.

रिवर फ्रंट घोटाले में दर्ज हो चुकी हैं दो FIR
इतना ही नहीं रिवर फ्रंट घोटाले से जुड़े विभागों में भी प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेज खंगाले जाने लगे हैं. दरअसल, करीब 6 महीने पहले सीबीआई ने रिवरफ्रंट घोटाले के समय पर समाजवादी पार्टी की सरकार में मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव सिंचाई से पूछताछ के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी. यह अनुमति पर अभी फैसला होना बाकी है. सीबीआई अब तक इस मामले में दो एफआईआर दर्ज कर चुकी है. पहला मामला नवंबर 2017 में दर्ज हुआ था. जिसमें सिंचाई विभाग के 8 इंजीनियर नामजद हुए थे. जांच के बाद सीबीआई ने जुलाई 2021 में एक साथ देश के कई राज्यों में छापेमारी की और जिसके बाद एक दूसरी एफआईआर 16 इंजीनियर और 189 फर्म पर कराई गई.

Latest articles

15 साल बाद सत्ता से ममता की विदाई, बंगाल में बीजेपी की विजय, सीटें 190 पार

कूच बिहार में झड़प-लाठीचार्ज, जमुरिया में आगजनी, ममता के घर के बाहर जय श्रीराम...

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...