चीन में अगले हफ्ते कोरोना का पीक, टूटेंगे सारे रिकॉर्ड, एक दिन में आएंगे 3.7 करोड़ केस

नई दिल्ली,

चीन में एक हफ्ते की भीतर कोरोना की पीक आ सकती है. एक स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि कोरोना के केस इतने बढ़ जाएंगे कि पहले से डवांडोल चीन का पब्लिक हेल्थ सिस्टम धराशायी होने के कगार पर पहुंच जाएगा.जीरो कोविड पॉलिसी के देशव्यापी विरोध के कारण चीन ने इसे महीने की शुरुआत में खत्म कर दिया था लेकिन अब यहां ओमिक्रॉन के BF.7 वेरिएंट ने अटैक कर दिया है. कोरोना के कारण चीन की ग्लोबल सप्लाई और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो गया है. इसकी अर्थव्यवस्था की विकास दर 50 साल में सबसे कम हो गई है.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने इस हफ्ते एक दिन में 3.7 करोड़ कोरोना के मामले आ सकते हैं, जो एक दिन में आए अब तक के सबसे ज्यादा केस होंगे. चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की एक आंतरिक बैठक में दिए गए आंकड़ों के आधार पर ब्लूमबर्ग ने बताया कि इस साल दिसंबर के पहले 20 दिनों में चीन में 248 मिलियन लोगों के संक्रमित होने की आशंका थी.

रिपोर्ट के अनुसार, 20 दिसंबर को 37 लाख लोग पॉजिटिव हुए थे, जबकि चीन में आधिकारिक रूप से बताया था कि उस दिन सिर्फ 3,049 केस आए थे. अगर एक दिन में 3.7 करोड़ केस आने का अनुमान सही है तो यह इस साल जनवरी में आए एक दिन में सबसे ज्यादा 40 लाख केसों का रिकॉर्ड तोड़ देंगे.

तीन महीने में तीन लहरों की आशंका
चीन के महामारी विशेषज्ञ वू जुन्यो ने अगले तीन महीने में तीन लहरों के आने की आशंका जताई है. उन्होंने दावा किया कि चीन अभी पहली लहर का सामना कर रहा है और इसका पीक मिड-जनवरी में आ सकता है. उन्होंने कहा कि 21 जनवरी से चीन का लूनर न्यू ईयर के दौरान लोग ट्रैवल करेंगे, जिस कारण दूसरी लहर शुरू होगी. जनवरी के आखिर से दूसरी लहर शुरू हो सकती है जो मिड-फरवरी तक चलेगी.

वहीं तीसरी लहर फरवरी के आखिर से शुरू हो सकती है. हॉलीडे के बाद लोग फिर से ट्रैवल करेंगे और इस कारण तीसरी लहर शुरू हो सकती है. तीसरी लहर फरवरी के आखिर से मिड-मार्च तक चल सकती है.उन्होंने यह भी कहा कि तीन लहरें तो आ सकती हैं, लेकिन इस दौरान संक्रमण के मामलों में कमी आने की आशंका कम है. उनका दावा है कि लहरों के बीच में भी संक्रमण बढ़ता रहेगा.

चीन में बढ़ी ऑक्सीमीटर की मांग
चीन में कोविड के केस बढ़ने के साथ ही ऑक्सीमीटर की मांग भी बढ़ गई है. चिकित्सा उपकरण फर्मों के कई कर्मचारियों ने शुक्रवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि चीन में ऑक्सीमीटर के ऑर्डर बढ़ गए हैं. हालात ये हो गए हैं कि मांगों को पूरा करने के लिए व्यापारी ओवरटाइम काम कर रहे हैं. ऑनलाइन Baidu इंडेक्स के मुताबिक दिसंबर में ऑक्सीमीटर के लिए मांग हर दिन औसतन 8,956 तक पहुंच गई, जो पिछले महीने की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि है.

कब्रिस्तानों में 20 दिन की वेटिंग
एक ओर जहां चीन के हालात देखकर दुनियाभर के देशों की चिंता बढ़ गई है, वहीं चीन दावा कर रहा है कि 22 दिसंबर को उसके देश में सिर्फ 4,000 मामले ही सामने आए थे, जबकि लगातार तीसरे दिन कोविड से किसी की मौत नहीं हुई है. वहीं लंदन की ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस कंपनी एयरफिनिटी के मुताबिक चीन में रोजाना 10 लाख केस आ रहे हैं और 5 हजार मौतें हो रही हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक चीन के अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं, दवाओं की किल्लत होने लगी है, श्मशान घाटों पर सामूहिक अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं, कब्रिस्तानों में 20 दिन की वेटिंग हो गई है. एक्सपर्ट्स के अनुसार चीन में अगले हफ्ते के आखिर तक 2.5 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित होंगे, जबकि अगले साल तक वहां 10 लाख से ज्यादा मौतें हो सकती हैं.

चीन छिपा रहा मरीजों का डेटा!
चीन में कोरोना के बेकाबू हालात पर डब्लयूएचओ ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि चीन फिर से कोरोना की जानकारी छिपा सकता है. उसका कहना है कि चीन डेटा नहीं भेज रहा है. डेटा नहीं मिलने से ताजा स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है, जिससे संक्रमण को बढ़ने से रोकने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.डब्ल्यूएचओ के मुताबिक चीन ने सात दिसंबर को जीरो कोविड पॉलिसी खत्म कर दी थी. इसके बाद से चीन की ओर से डब्ल्यूएचओ को कोई डेटा नहीं भेजा गया है.

चीन में शुरुआत से ही सख्त नियम लगाए गए. इस वजह से वहां लोगों में नेचुरल इन्फेक्शन कम रहा और उनमें ना के बराबर हर्ड इम्यूनिटी पैदा हुई. इसीलिए बीएफ.7 वेरिएंट की चपेट में आने से वहां लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं. इसके अलावा चीन लोगों का टीकाकरण नहीं कर पाया. यहां तक कि वह बजुर्गों को बूस्टर डोज तक नहीं दे पाया.

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