गौतम अडानी का कब्जा होते ही एनडीटीवी में हड़कंप, फाउंडर प्रणय रॉय और राधिका रॉय के साथ चार डायरेक्टर्स ने दिया रिजाइन

नई दिल्ली

भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी का मीडिया कंपनी एनडीटीवी (NDTV) पर पूरी तरह नियंत्रण हो गया है। इसके साथ ही कंपनी के फाउंडर प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के साथ-साथ अन्य डायरेक्टर्स ने इस्तीफा दे दिया है। प्रणव रॉय और राधिका रॉय एनडीटीवी के कार्यकारी सह-चेयरपर्सन थे। रॉय दंपति ने अपनी 27.26 प्रतिशत हिस्सेदारी शुक्रवार को अडानी ग्रुप को बेच दी। इसके साथ ही अडानी ग्रुप ने इस टेलीविजन नेटवर्क पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस हिस्सेदारी खरीद के साथ ही अडानी ग्रुप के पास अब एनडीटीवी की कुल 64.71 प्रतिशत हिस्सेदारी आ गई है।

अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजारों को इस अधिग्रहण की सूचना देते हुए कहा कि उसकी सहयोगी और एनडीटीवी के प्रमोटर ग्रुप में शामिल आरआरपीआर (RRPR) ने एनडीटीवी में प्रणव रॉय और राधिका रॉय की 27.26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण परस्पर ट्रांसफर के माध्यम से कर लिया है। मीडिया कंपनी पर अडानी ग्रुप समूह का नियंत्रण स्थापित होने के कुछ देर बाद ही रॉय दंपति ने चार अन्य डायरेक्टर्स के साथ इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले डायरेक्टर्स में डेरियस तारापोरवाला और स्वतंत्र निदेशक किंशुक दत्ता, इंद्राणी रॉय एवं जॉन मार्टिन ओलॉन शामिल हैं।

किस-किस ने दिया इस्तीफा
इसके साथ ही एनडीटीवी की तरफ से कहा गया कि उसके बोर्ड ने अमन कुमार सिंह को गैर-कार्यकारी अतिरिक्त निदेशक और सुनील कुमार को गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पिछले हफ्ते भी अडानी ग्रुप ने संजय पुगलिया और सेंथिल एस चेंगलवरयन को एनडीटीवी में डायरेक्टर मनोनीत किया था। इस अधिग्रहण पर अडानी ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा, ‘अडानी ग्रुप को एनडीटीवी को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और प्रतिभा के साथ आगे बढ़ाने और एक बहु-मंचीय वैश्विक समाचार नेटवर्क में बदलने का सौभाग्य मिला है।’

समाचार टेलीविजन चैनल एनडीटीवी की शुरुआत करने वाले रॉय दंपति ने गत 23 दिसंबर को घोषणा की थी कि वे इस मीडिया कंपनी में अपनी बची हुई 32.26 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 27.26 प्रतिशत हिस्सा अडानी ग्रुप को बेच देंगे। अ़डानी ग्रुप ने रॉय दंपति की हिस्सेदारी का अधिग्रहण 342.65 रुपये प्रति शेयर के भाव पर किया है। इस भाव पर 1.75 करोड़ शेयरों की बिक्री से रॉय दंपति को 602.30 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह भाव ओपन ऑफर में अडानी समूह की तरफ से निर्धारित 294 रुपये के भाव की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है।

कैसे किया कंट्रोल
अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसकी सहयोगी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) के पास एनडीटीवी में 8.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि आरआरपीआर के पास 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नए अधिग्रहण के साथ ही एनडीटीवी में आरआरपीआर की हिस्सेदारी 56.45 प्रतिशत हो जाएगी। कंपनी ने कहा कि इस हिस्सेदारी अधिग्रहण को एनएसई की ब्लॉक सौदा व्यवस्था के जरिये 30 दिसंबर को पूरा किया गया है। इस तरह अडानी ग्रुप के पास एनडीटीवी की बहुलांश हिस्सेदारी आ गई है।

रॉय दंपति ने कुछ सप्ताह पहले एनडीटीवी के सबसे बड़े शेयरधारक होने का अपना दर्जा खो दिया था। दरअसल अडानी समूह ने रॉय दंपति की समर्थित कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण करने के साथ ही एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी ले ली थी। उसके बाद समूह ने माइनोरिटी शेयरहोल्डर्स से भी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक खुली पेशकश रखी। हालांकि उस पेशकश को उतना समर्थन नहीं मिला और अडानी ग्रुप 8.26 प्रतिशत हिस्सेदारी ही बढ़ा पाया। इसके साथ ही एनडीटीवी में उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 37.44 प्रतिशत हो गई थी। यह रॉय दंपति की 32.26 प्रतिशत से अधिक थी। उसके बाद ही रॉय दंपति की तरफ से अपनी कुल हिस्सेदारी में से 27.26 प्रतिशत हिस्सा बेचने का ऐलान किया गया था।

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