नए साल में रेफ्रिजरेटर के लिए करनी होगी ज्यादा जेब ढीली, इस नियम की वजह से बढ़ेगी कीमत!

नई दिल्ली,

इस साल रेफ्रिजरेटर महंगा हो सकता है. ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के बदले हुए नियम एक जनवरी 2023 से लागू हो गए हैं. गोदरेज अप्लायंसेज, हायर और पैनासोनिक जैसी रेफ्रिजरेटर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के अनुसार, नए नियमों के लागू होने से मॉडल के आधार पर उपभोक्ताओं पर 2-5 फीसदी का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. लेबलिंग को कड़ा करने के अलावा, नए नियम फ्रॉस्ट-फ्री मॉडल के फ्रीजर और रेफ्रिजरेटर प्रोविजनिंग यूनिट (स्टोरेज पार्ट) के लिए अलग-अलग स्टार लेबलिंग को भी अनिवार्य करते हैं.

इनपुट लागत बढ़ेगी
एनर्जी एफिशिएंसी को सख्त करने पर प्रोडक्ट की इनपुट लागत बढ़ती है और इसमें दो से तीन फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि, लागत अलग-अलग मॉडल्स और स्टरा रेटिंग पर निर्भर करेगी. BEE सभी उपकरणों बिजली खपत की दक्षता के आधार पर रेटिंग देता है. ये स्टार रेटिंक एक से पांच तक होते हैं. जिस उपकरण की जितनी अधिक स्टार रेटिंग होगी, वो बिजली खपत के मामले में उतना ही दक्ष होगा. यानी कम बिजली की खपत होगी. अगर फ्रीज कम बिजली की खपत करेगा, तो आपका बिजली का बिल भी कम आएगा.

कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें
पीटीआई ने गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड और एग्जिक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट कमल नंदी के हवाले से बताया- ‘स्टार रेटिंग के तहत अब हमें दोनों के लिए अलग-अलग लेबलिंग बतानी होगी. ये एक नया बदलाव है. इससे कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर उन्होंने कहा कि एनर्जी एफिशिएंसी को सख्त करने पर असर तो पड़ेगा. इसकी वजह से कीमतें दो से तीन फीसदी तक बढ़ सकती है.’

कंपनियों को नेट कैपेसिटी बतानी होगी
नंदी ने कहा कि हाल की स्टार लेबलिंग में एक और बदलाव यह हुआ है कि कंपनियों को रेफ्रिजरेटर की नेट क्षमता बतानी होगी. उन्हें इसकी ग्रॉस कैपेसिटी नहीं बतानी होगी. नेट कैपेसिटी से मतलब इस्तेमाल में आनी वाली क्षमता से है. ग्रॉस कैपेसिटी का मतलब ये होता है कि किसी भी रेफ्रिजरेटर कितना लीटर तक भरा जा सकता है.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि रेफ्रिजरेटर के दरवाजे और सेल्फ के बीच में जो जगह होती है, उसका इस्तेमाल नेट कैपेसिटी में नहीं किया जा सकता. इससे ग्राहकों को रेफ्रिजरेटर खरीदते वक्त सही फैसला लेने में मदद मिलेगी. वो अपनी जरूरत के हिसाब से रेफ्रिजरेटर खरीद पाएंगे.

भारत में रेफ्रिजरेटर का मार्केट
पैनासोनिक मार्केटिंग इंडिया के प्रबंध निदेशक फुमियासु फुजिमोरी ने कहा- ‘नए BEE नियमों के लागू होने से हमें उम्मीद है कि रेफ्रिजरेटर की कीमत 5 फीसदी तक बढ़ जाएगी. पैनासोनिक में हम डेवलपमेंट पर कड़ी नजर रख रहे हैं और लागत का अधिक भार खुद पर लेने की कोशिश करेंगे.’उन्होंने कहा कि एंट्री लेवल के खरीदारों को एक चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि लागत बढ़ेगी. रिसर्च एंड मार्केट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में रेफ्रिजरेटर का मार्केट 3.07 बिलियन डॉलर का था.

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