‘तलाक ताजा है, इद्दत की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है’, जब टीवी डिबेट में केसी त्यागी ने अजय आलोक को घेर लिया

पटना

‘इनका तलाक अभी ताजा-ताजा है, इद्दत की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है।’ जेडीयू के पूर्व प्रवक्ता रहे अजय आलोक ने जब नीतीश कुमार पर तीखा तंज कसा तो केसी त्यागी ने यही कहकर जवाब दिया। इसके बाद दोनों नेता मुस्कुराते दिखे। दरअसल, अजय आलोक की पहचान ही जेडीयू प्रवक्ता के तौर पर रही है। मगर, जब बीजेपी के पिच पर खेलने लगे तो पार्टी ने किनारा कर लिया। तब से ही नीतीश की कमियां अजय आलोक ढूंढ रहे हैं। नीतीश की तारीफ में कसीदे गढ़े जाने के लिए भी अजय आलोक जाने जाते थे। वैसे, भारत में आजकल ‘आया मौसम यात्रा का’ वाला माहौल है। जिसे देखिए वही यात्रा पर जाने की जिद्द पर अड़ा है।

टीवी डिबेट में छाया रहता है यात्रा
प्रशांत किशोर काफी पहले से बिहार के आड़े-तिरछे राहों को नाप रहे हैं। राहुल गांधी ने तो फिजां ही बदल डाला है। सत्ताधारी पार्टियों में यात्रा की वजह से बेचैनी देखी जा रही है। मीडिया वाले यात्राओं का इतिहास खंगाल रहे हैं। एक से बढ़कर एक यात्राओं को गिनाने में जुटे हैं। रिसर्च टीम का काम बढ़ गया है। एक न्यूज चैनल के डिबेट में तो जेडीयू के प्रधान महासचिव ने यात्राओं का इतिहास ही बता दिया। मोहम्मद पैगम्बर से लेकर राहुल की भारत जोड़ो तक को गिना डाला। मगर, उन्होंने ये साफ-साफ नहीं बताया कि नीतीश कुमार और राहुल गांधी एक साथ एक टीम से बैटिंग क्यों नहीं कर रहे? इसके लिए इंतजार करने की नसीहत दी।

यात्रा को लेकर किसने क्या कहा?
भारत जोड़ो और नीतीश के समाधान यात्रा को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि दोनों अलग-अलग पार्टियां हैं। नीतीश कुमार सरकारी योजनाओं का अपडेट ले रहे हैं। हमारी अलग यात्रा है। इससे बीजेपी को परेशान नहीं होनी चाहिए। उनको बहुमत मिला है, अपना काम करें।

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नीतीश कुमार पर बोलने से परहेज किया। उनके निशाने पर राहुल गांधी और उनकी पदयात्रा रही। श्यामा प्रसाद मुखर्जी और मुरली मनोहर जोशी की यात्रा का जिक्र किया। साथ ही लाल कृष्ण आडवाणी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए कांग्रेस यात्रा कर रही है।

बात जब जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी के पास पहुंची तो उन्होंने यात्राओं का इतिहास ही बता दिया। उनके नजर में सबसे पहली यात्रा पैगम्बर ने की थी। इसके बाद शंकराचार्य ने की। उन्होंने लंबी फेहरिस्त गिनाई। केसी त्यागी ने कहा कि कांग्रेस की यात्रा से हमारा कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। जनता के मन से डर को दूर करने के लिए राहुल गांधी यात्रा पर हैं। नीतीश, अपने 18 साल के शासनकाल में किए गए कामों का आंकलन करने निकले हैं। बिहार की समाधान यात्रा के बाद नीतीश कुमार देश की यात्रा पर निकल सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा के पास बात जब पहुंची तो उन्होंने पार्टियों की संख्या और उनकी विचारधार बताने लगे। दरअसल, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से किनारा कर लिया। टीवी डिबेट में नेता जी (मुलायम यादव) की साइकिल यात्रा का इतिहास आशुतोष वर्मा बताने लगे।

त्यागी, इद्दत की मियाद और घिर गए अजय आलोक
चाय की चुस्की लेते जेडीयू के पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक को आखिर में मौका मिला। आजकल राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर टीवी डिबेट में शामिल होते हैं। अनुमान के मुताबिक उनके निशाने पर नीतीश कुमार ही रहे। अजय आलोक ने बताया की नीतीश कुमार की ये चौदहवीं यात्रा है। इसमें वो सिर्फ अफसरों से मिलेंगे। उन्होंने तंज कसते हुआ कहा कि बिहार अब डेवलप स्टेट हो गया है, वो चाहते तो अफसरों को बुलाकर मिल सकते थे। उनके पास कोई काम नहीं है। समाधान यात्रा के बाद भारत यात्रा पर निकलेंगे। हर कोई चाहता है कि किसी तरह प्रधानमंत्री बन जाएं। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर के पीएम बनने की कहानी भी बताई।

अजय आलोक ने अपनी बातों को पूरा किया तो काउंटर क्वेश्चन केसी त्यागी के पास आना लाजिमी था। इसके बाद केसी त्यागी ने कहा कि ‘इनका तलाक अभी ताजा-ताजा है, इद्दत की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है।’ (इद्दत की मियाद का मतलब- किसी महिला के तलाक या उसके पति की मृत्यु के बाद की वो अवधि है, जिसका पालन करना उस महिला के लिए अनिवार्य होता है। इस दौरान वो किसी अन्य पुरुष से शादी नहीं कर सकती है)

केसी त्यागी ने कहा कि इनकी (अजय आलोक) कटुता को प्रेम और स्नेह के साथ लेता हूं। इसके बाद केसी त्यागी ने समाधान यात्रा का डिटेल दिया। उन्होंने अजय आलोक को याद दिलाया कि कैसे वो न्यूज चैनलों के डिबेट शो में बैठकर नीतीश कुमार और उनके योजनाओं का बखान किया करते थे। इसके बाद केसी त्यागी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखने को गाली की तरह क्यों लिया जा रहा हैं? नीतीश कुमार साढ़े 17 साल तक सीएम रहे। करप्शन और परिवारवाद का कोई आरोप नहीं लगा। इतना कुछ होने के बावजूद भी उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पीएम पद के उम्मीदवार नहीं है।

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