अमेरिका में न्यूक्लियर सुनामी लाना चाहता है रूस? पुतिन के हैकरों ने परमाणु वैज्ञानिकों को बनाया निशाना

वॉशिंगटन

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। कोल्ड रिवर के नाम से जानी जाने वाली एक रूसी हैकिंग टीम ने अमेरिका के तीन परमाणु रिसर्च लेबोरेटरी को निशाना बनाया है। इस हमले का मकसद अमेरिका के न्यूक्लियर रिसर्च को चुराने के साथ-साथ रेडिएशन लीक जैसे हादसे को अंजाम देना था। कोल्ड रिवर ने ब्रुकहैवन (बीएनएल), आर्गोन (एएनएल) और लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरीज (एलएलएनएल) को हैक करने की कोशिश की थी। इंटरनेट रिकॉर्ड के अनुसार हैकर्स को प्रत्येक संस्थान के लिए नकली लॉगिन पेज बनाने और परमाणु वैज्ञानिकों को उनके पासवर्ड शो करने के लिए ईमेल किया गया था।

रूसी हमले में नुकसान का पता नहीं
अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हैकर्स के हमले से इन लेबोरेटरीज को कितना नुकसान पहुंचा। यह भी नहीं बताया गया है कि इन हमलों में कोई डेटा लीक हुआ या नहीं। ब्रुकहैवन लैब के एक प्रवक्ता ने रूसी हैकर्स के हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एलएलएनएल ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। एएनएल के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी ऊर्जा विभाग से सवाल करने की बात कह टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

यूक्रेन के मित्र देशों पर साइबर अटैक कर रहे रूसी एजेंट
साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं और पश्चिमी सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से कोल्ड रिवर ने कीव के सहयोगियों के खिलाफ अपने हैकिंग अभियान को तेज कर दिया है। अमेरिकी प्रयोगशालाओं के खिलाफ डिजिटल हमला तब हुआ जब संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निरीक्षण करने के लिए रूसी-नियंत्रित यूक्रेनी क्षेत्र में प्रवेश किए थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर हमला जारी रहा तो इससे विनाशकारी आपदा आ सकती है।

2016 में पहली बार सामने आया था कोल्ड रिवर ग्रुप
कोल्ड रिवर 2016 में ब्रिटेन के विदेश कार्यालय को निशाना बनाने के बाद पहली बार खुफिया एजेंसियों के रडार पर आया था। नौ साइबर सुरक्षा फर्मों के इंटरव्यू के अनुसार, हाल के वर्षों में दर्जनों अन्य हाई-प्रोफाइल हैकिंग की घटनाओं में यह रूसी हैकिंग ग्रुप शामिल रहा है। रॉयटर्स ने 2015 और 2020 के बीच अपने हैकिंग ऑपरेशंस में इस्तेमाल किए गए ईमेल अकाउंट्स को रूसी शहर सिक्तिवकर में एक आईटी कर्मचारी का पता लगाया। यूएस साइबर सिक्योरिटी फर्म क्राउडस्ट्राइक में इंटेलिजेंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एडम मेयर ने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण हैकिंग समूहों में से एक है, जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा। वे सीधे रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के अंतर्गत काम करते हैं।

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