पहले शाह, फिर नड्डा अब PM मोदी… BJP के टॉप-3 नेताओं का कर्नाटक दौरा, क्या हैं मायने?

नई दिल्ली,

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा ने राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. कर्नाटक में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले पीएम मोदी की इस यात्रा ने राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. पीएम मोदी ने गुरुवार को हुबली में रोड़ किया. इस दौरान मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारों से विशाल भीड़ ने उनका स्वागत किया.

पीएम मोदी की इस यात्रा से मात्र दो हफ्ते पहले गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कर्नाटक पहुंच चुके हैं. अमित शाह का कर्नाटक दौरा 30 दिसंबर को हुआ था. इस तरह से 14 दिन में बीजेपी का टॉप-3 लीडरशिप कर्नाटक पहुंच चुका है.

पीएम मोदी ने गुरुवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर कर्नाटक के हुबली में नेशनल यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन किया. यहां उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी भी देश के ड्राइविंग फोर्स हैं. पीएम मोदी ने अपने अंदाज में युवाओं से संवाद किया और कहा कि आज गांव हो, शहर हो या हो कस्बा, हर जगह उफ़ान पर है युवाओं का जज़्बा. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के सपने भारत की दिशा निर्धारित करते हैं. युवा शक्ति की आकांक्षाएं भारत का लक्ष्य निर्धारित करता है. युवा शक्ति का पैशन भारत का रास्ता तय करता है. पीएम मोदी ने कहा कि युवा होने का मतलब है कि अपने प्रयासों में गतिशील रहें, हमारा नजरिया व्यापक हो.

दौरे से कर्नाटक का चुनावी पिच तैयार कर रहे हैं PM
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए ये ऐतिहासिक समय है जब आशा और मौके एक साथ आ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये जरूरी है कि हम वर्तमान से दस कदम आगे की सोचें. हमारी सोच और एप्रोप भविष्य को लेकर हो. युवाओं के साथ संवाद, भविष्य के सपने गढ़ कर पीएम मोदी राज्य में बीजेपी के लिए चुनावी पिच तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

बता दें कि पिछले साल नवंबर में भी पीएम मोदी ने बैंगलुरु का दौरा किया था और कई सौगातें दी थीं. तब पीएम मोदी ने कैम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 का उद्घाटन किया था. इसके अलावा उन्होंने चेन्नई-मैसुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी.

दिसंबर में अमित शाह भी थे कर्नाटक दौरे पर
इससे पहले दिसंबर के आखिरी सप्ताह में यानी कि 30 दिसंबर को अमित शाह कर्नाटक के मंडया और बैंगलुरु के दौरे पर आए थे और राज्य की राजनीतिक नब्ज टटोली थी. अमित शाह ने बीजेपी के बूथ स्तर के नेताओं के साथ मीटिंग की और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान अमित शाह द्वारा की गई घोषणा से पता चलता है कि बीजेपी कर्नाटक चुनाव में पीएम मोदी के नाम पर आगे बढ़ने वाली है. अमित शाह ने कहा था कि इस चुनाव का चेहरा पीएम मोदी होंगे. दरअसल कर्नाटक बीजेपी गुटबाजी से अछूती नहीं है. इसलिए पार्टी नेतृत्व सीएम चेहरे की घोषणा कर दूसरे खेमे को नाराज नहीं करना चाहती है.

अमित शाह के हफ्ते भर बाद नड्डा पहुंचे कर्नाटक
बीजेपी के लिए कर्नाटक कितना अहम है. इसका इस बात से आकलन किया जा सकता है कि अमित शाह के दौरे के एक सप्ताह भी नहीं गुजरे थे कि नए साल में 5 जनवरी को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा कर्नाटक के दौरे पर पहुंच गए. कर्नाटक के तुमकुरु में कांग्रेस पर बरसते हुए नड्डा ने कहा कि कांग्रेस का मिशन कमीशन लेना है. इस दौरे के दौरान नड्डा कई मठों के मठाधीशों से भी मिले. नड्डा का ये दौरान 5 और जनवरी के लिए था. इस चुनाव के एजेंडे बीजेपी मठों को बहुत महत्व दे रही है. अमित शाह भी जब कर्नाटक दौरे पर आए थे तो वे वोक्कालिगा समुदाय में असर वाले आदि चुंचनगिरी मठ गए थे. यहां उन्होंने मठ के प्रमुख निर्मलानंदनाथ स्वामी से मुलाकात की थी. इसके अलावा वोक्कालिगा मतदाताओं की बहुलता वाले मंडया जिले में शाह ने एक जन सभा की थी.

वोक्कालिगा समुदाय बीजेपी के लिए क्यों जरूरी हो गया है
बीजेपी इस बार कर्नाटक फतह करने के लिए ओल्ड मैसुरु को ध्यान में रख रही है. ये वही जगह है जहां बीजेपी अबतक कमजोर रही है. बीजेपी इस क्षेत्र में वोक्कालिगा समुदाय के मतादाताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही है. इस इलाके में अबतक जेडीएस और कांग्रेस का प्रभाव ज्यादा रहा है. इसकी वजह पूर्व पीएम देवेगौड़ा का प्रभाव रहा है. बीजेपी अमित शाह और जेपी नड्डा को इस क्षेत्र में सक्रिय कर यहां का समीकरण बदलने की कोशिश में है.

बीजेपी के कर्नाटक प्रभारी और महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि हम इस क्षेत्र में अपनी टैली में भारी उछाल लाएंगे और भारी बहुमत के साथ राज्य में सत्ता बरकरार रखेंगे. ओल्ड मैसूर कर्नाटक को वो क्षेत्र है जहां बेंगलुरू के बाहर विधानसभा की लगभग 64 सीटें हैं, इस क्षेत्र में पिछली बार बीजेपी की टैली सिंगल डिजिट में थी. इस लिहाज से यहां बीजेपी के लिए संभावनाएं बहुत हैं.

बीजेपी ने कर्नाटक को इस बार मिशन मोड पर लिया है. इसलिए नड्डा के दौरे को खत्म हुए एक सप्ताह भी खत्म नहीं हुए है कि अब पीएम मोदी एक बार फिर से कर्नाटक दौरे पर हैं. हालांकि गुरुवार यानी 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस है और पीएम मोदी नेशनल यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन करने यहां पहुंचे हैं.

वापसी के लिए कांग्रेस की पुरजोर कोशिश
इधर पिछले 5 साल से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों से एक लुभावना वादा किया. कांग्रेस ने कर्नाटक की जनता को पहली गारंटी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो 200 यूनिट बिजली बिल मुफ्त दिया जाएगा. कांग्रेस की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने पीएम मोदी के कर्नाटक यात्रा से एक दिन पहले यानी कि 11 जनवरी को राज्य की बस यात्रा शुरू कर दी है. पार्टी ने इसे प्रजा ध्वनि यात्रा नाम दिया है.

कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस की गारंटी को गैरजिम्मेदराना और अतार्किक कहा है. सीएम बोम्मई ने कहा कि यह एक गैरजिम्मेदाराना और तर्कहीन फैसला है. कांग्रेस हताश है. इसलिए ये घोषणाएं कर रही है. कांग्रेस से इस तरह की कई और घोषणाओं की उम्मीद है. बोम्मई ने कहा कि जब कांग्रेस अपने शासन में 6 घंटे बिजली नहीं दे सकी तो ये लोग मुफ्त बिजली कैसे देंगे?

इधर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा 16 जनवरी को बेंगलुरु में महिलाओं के एक सम्मेलन को संबोधित करने जा रही हैं. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि पार्टी अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों से पहले महिलाओं के लिए एक अलग घोषणापत्र की योजना बना रही है और उनके प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए एक “गारंटी पत्र” जारी करना चाहती है.  इस बीच महिला कांग्रेस ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी कम से कम 30 टिकट महिलाओं को दे.

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