अर्मीनिया को बचा नहीं पाएंगी भारतीय मिसाइलें, मोदी सरकार का कदम गैर दोस्‍ताना… अजरबैजान ने दी धमकी

येरेवान

नगर्नो-कराबाख को बचाने के लिए जंग लड़ रहे आर्मीनिया को पिनाका रॉकेट और किलर मिसाइलों समेत 2000 करोड़ के घातक हथियार देने के भारत सरकार के फैसले से अजरबैजान के राष्‍ट्रपति बौखला गए हैं। अजरबैजान के राष्‍ट्रपति इल्‍हाम अल‍ियेव ने कहा है कि आर्मीनिया को चाहे जो हथियार दिए जाएं, वे उसे बचा नहीं पाएंगे। पाकिस्‍तान और तुर्की के दोस्‍त अजरबैजान के राष्‍ट्रपति ने कहा कि कई देश ऐसे हैं जो आर्मीनिया को हथियार देने की तैयारी कर रहे हैं और दुर्भाग्‍य से अब भारत भी उनमें शामिल है। हम भारत के इस कदम को गैर दोस्‍ताना मानते हैं।

राष्‍ट्रपति इल्‍हाम अलीयेव ने एक इंटरव्‍यू में कहा, ‘आर्मीनिया को जो भी हथियार दिए जा रहे हैं, उसे बचा नहीं पाएंगे और मैंने इसे आर्मीनियाई पक्ष को कई बार बता दिया है। मैंने उनसे कहा है कि अपने पैसे को बर्बाद मत करो। क्‍योंकि सबसे पहली बात यह मदद नहीं करेगा और दूसरा इन हथियारों से आर्मीनिया की उन ताकतों के अंदर भ्रम पैदा होगा जो बदला लेना चाहती हैं। यह भ्रम पैदा करेगा कि आप अजरबैजान से बदला ले सकते हैं लेकिन आप यह नहीं कर सकते हैं।’

‘हम भारत के इस कदम को गैर दोस्‍ताना कदम मानते हैं’
अलीयेव ने कहा, ‘यदि हम देखेंगे कि एक बहुत गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं, तो उस खतरे से तत्‍काल निपटेंगे। यह नहीं देखेंगे कि खतरा कहां से पैदा हो रहा है, यह हमारी जमीन (नगर्नो-कराबाख) के अंदर से या हमारी सीमा के बाहर से है। ऐसा करना हमारा वैधानिक अधिकार है। इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं और हम देख रहे हैं तथा जानते हैं कि कई देश आर्मीनिया को हथियार देने की तैयारी कर रहे हैं। दुर्भाग्‍य से भारत भी अब उनमें शामिल हो गया है। हम इसे गैर दोस्‍ताना कदम मानते हैं। इसकी वजह यह है कि ये आक्रामक हथियार हैं। इनका एकमात्र निशाना अजरबैजान है।’

अजरी राष्‍ट्रपति ने जोर देकर कहा कि हम जरूरी कदम उठा रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे आर्मीनिया कभी हमारे लिए खतरा नहीं बन पाए। बता दें कि भारत और आर्मीनिया के बीच 2000 करोड़ की हथियारों की डील हुई है। इसके तहत भारत अपने बेहद घातक पिनाका रॉकेट लॉन्‍चर, एंटी टैंक रॉकेट और कई तरह के विस्‍फोटक सप्‍लाइ करने जा रहा है। भारत पहली बार आर्मीनिया को घातक हथियार देने जा रहा है। इससे पहले भारत ने आर्मीनिया को स्‍वाती रेडॉर दिया था। इस रेडॉर की मदद से अजरबैजान की तोपों के गोलों का पता लगाया जा सकता है। भारत ने चीन और पाकिस्‍तान की सीमा पर इस रेडॉर को तैनात कर रखा है। अजरबैजान ने पिछले दिनों आर्मीनिया के कब्‍जे वाले इलाकों पर धावा बोलकर उसे अपने देश में मिला लिया था। अजरबैजान को तुर्की और पाकिस्‍तान हथियार देते हैं।

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