यूपी एमएलसी चुनाव में BJP और SP के बीच सीधी टक्कर, ऐसे बन रहा मुकाबला त्रिकोणीय

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में नए साल में पहला चुनाव होने जा रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव की वोटिंग होने जा रही है। एमएलसी के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 2 सीटों और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 3 सीटों पर सोमवार को वोट डाले जाएंगे। वोटिंग से पहले तमाम उम्मीदवारों ने वोटरों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला होता दिख रहा है। हालांकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक संघ भी चुनौती पेश करते हुए दिख रहे हैं। एमएलसी चुनाव को लेकर पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने बेरोजगारी भत्ता और शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किए जाने जैसे मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। इन तमाम मुद्दों के बीच वोटरों को किन उम्मीदवारों ने अधिक प्रभावित किया, इसका फैसला वोटर अपने मतदान के जरिए करेंगे।

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियों को पूरा करा लिया गया है। यूपी विधान परिषद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर-फैजाबाद, बरेली-मुरादाबाद और कानपुर निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग होगी। इसके अलावा इलाहाबाद-झांसी और कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी वोट डाले जाएंगे। भाजपा इस चुनाव में सभी सीटों पर जीत दर्ज कर मैनपुरी और खतौली उप चुनाव में हार के दंश को भुलाने की कोशिश करती दिख रही है। वहीं, सपा क तैयारी अधिकांश सीटों पर दर्ज करने की है।

भाजपा की सभी सीटों पर जीत का दावा
भारतीय जनता पार्टी साल के पहले चुनाव में सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पूरी तैयारी की है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सीनियर नेताओं को प्रचार मैदान में उतारा गया। उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाया गया है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी मैनपुरी लोकसभा उप चुनाव में जीत के बाद से उत्साहित है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल लगातार शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार करते दिख रहे हैं। सीटों का समीकरण अपने पक्ष में करने की कोशिश हो रही है। चुनाव के ठीक एक दिन पहले समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा से भी वोटरों को एक संदेश देने की कोशिश की गई है।

सपा की तैयारी भी है पुख्ता
भाजपा एक तरफ सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा कर रही है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी विधान परिषद की 5 में से अधिकतम सीटों को जीतने की कोशिश करती दिख रही है। पार्टी कम से कम एक सीट पर तो जीत दर्ज करना जरूर चाहेगी। अभी यूपी विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के 9 पार्षद हैं। अगर एक सीट पर पार्टी को जीत मिलती है तो यह संख्या 10 पर पहुंच जाएगी। इसके बाद सपा को नेता विपक्ष का पद मिल जाएगा। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक संगठनों के उम्मीदवार भी कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। ये भाजपा और सपा उम्मीदवारों का खेल खराब करने का भी दावा करते दिख रहे हैं।

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