हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को अडानी ग्रुप ने बताया फर्जी, कहा- तथ्यों को गलत तरीके से रखा गया

नई दिल्ली,

अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है. हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर मार्केट में हेरफेर और अकाउंट में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर पलटवार करते हुए गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप ने आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया. अडानी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च पर उचित शोध न करने और कॉपी-पेस्ट करने का आरोप लगाया है. यह भी कहा कि उन्होंने या तो उचित शोध नहीं किया या उचित रिसर्च किया लेकिन जनता को गुमराह किया.

सवालों को गलत तरीके से पेश किया
अडानी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जुगशिंदर सिंह ने बिजनेस टुडे टेलीविजन से खास बातचीत में कहा कि हिंडनबर्ग से सवाल किया जाना चाहिए कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह से पूछे गए सवालों को गलत तरीके से क्यों प्रस्तुत किया.

शनिवार को निवेशकों को जारी की गई 413 पन्नों की रिपोर्ट के बाद इंटरव्यू में अडानी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के सभी 88 सवालों के जवाब दिए. सिंह ने कहा- ‘सभी 88 सवालों का जवाब दिया गया है और भले ही हमने सभी 88 सवालों के जवाब नहीं दिए हों. उन्होंने हमारे खुलासों का इस्तेमाल किया और कोई रिसर्च नहीं किया. इनमें से 68 प्रश्न फर्जी और भ्रामक हैं. उन्होंने कोई रिसर्च नहीं किया, बल्कि कट-कॉपी और पेस्ट किया है और रिपोर्ट एफपीओ को नुकसान पहुंचाने के लिए थी.

जुगशिंदर सिंह ने कहा कि यह और भी बुरा हो सकता है कि उन्होंने शोध किया और जानबूझकर जनता को गुमराह किया. आपको उनसे पूछना चाहिए कि उन्होंने 68 सवालों को गलत तरीके से क्यों पेश किया.’

हम झूठ स्वीकार नहीं करते
बाकी के 20 सवालों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि ये ऐसे सवाल थे कि अडानी समूह आलोचना को स्वीकार क्यों नहीं करता. उन्होंने कहा कि हम करते हैं, लेकिन हम झूठ को स्वीकार नहीं करते हैं. फिर किसी के निजी पारिवारिक ऑफिस पर प्रश्न होते हैं, तो हम उनका उत्तर नहीं दे सकते. सिंह ने कहा कि हम सभी जवाब दे सकते थे.’

CFO ने कहा कि यहां तक कि हिंडनबर्ग की झूठ और गलत बयान पर आधारित फर्जी रिपोर्ट में भी अडानी समूह के कारोबार में कुछ गलत नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि उस रिपोर्ट में भी हमारे फंडामेंटल बिजनेस में कुछ भी नहीं मिला है.’

हम छोटी भारतीय फर्म की मदद कर रहे हैं
सिंह ने उस ऑडिट फर्म शाह धाधरिया का भी बचाव किया, जिस पर उसके छोटे साइज और क्षमता के लिए अडानी समूह के रूप में बड़े ग्रुप को ऑडिट करने के लिए सवाल उठाया गया था. हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने उस फर्म की क्षमता पर सवाल उठाया था जिसमें चार पार्टनर और 11 कर्मचारी हैं.

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने डेलॉयट, केपीएमजी, अर्न्स्ट एंड यंग, पीडब्ल्यूसी जैसी बड़ी अकाउंटिंग फर्मों में से एक को भी इनलिस्ट क्यों नहीं किया? इस पर सिंह ने कहा- ‘क्या आपको लगता है कि हमारी जैसी बड़ी भारतीय कंपनी की भारतीय वेंडर को डेवलप करने की कोई जिम्मेदारी नहीं है? अगर हम एक छोटी भारतीय फर्म की मदद कर रहे हैं, तो क्या यह बुरी बात है? हमारे पास 21,000 छोटे वेंडर्स हैं.

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का दावा
पिछले हफ्ते हिंडनबर्ग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें कहा गया था कि अडानी ग्रुप दशकों से स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी की प्लानिंग में जुटा है. फर्म ने रिपोर्ट में दावा किया था कि उसने समूह के पूर्व और वरिष्ठ अधिकारियों सहित दर्जनों व्यक्तियों से बात की है, हजारों दस्तावेजों की समीक्षा की है और लगभग आधा दर्जन देशों में उद्योग साइट का दौरा किया है.

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