शिष्या से बलात्कार मामले में आसाराम बापू दोषी करार, गांधीनगर कोर्ट कल सुनाएगी सजा

अहमदाबाद

सूरत दुष्कर्म केस में कोर्ट ने संत आसाराम को दोषी करार दिया है। गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट मंगलवार सुबह 11 बजे सजा का सुनाएगी। 10 साल पुराने मामले में लंबे समय से कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। 2001 में सूरत की दो लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले में 2013 में केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने इस मामले में कुल 68 लोगों के बयान दर्ज किए। इस मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने छह आरोपियों को निर्दोष माना और आसाराम को दोषी करार दिया।

वर्जुअली हुई आसाराम की पेशी
गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में सुनवाई के दौरान आसाराम को वर्चुअली पेश किया गया। इस मामले में आसाराम पर सूरत की दो लड़की ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद आरोपों को सही पाया और आसाराम को दोषी करार दिया, जबकि छोटी बहन में आसाराम के बेटे नारायण साई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसमें आसाराम के अलावा उसकी पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती और चार महिला अनुयायी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आसाराम फिलहाल जोधपुर जेल में बेद हैं। 2018 में जोधपुर की कोर्ट ने उन्हें 16 साल की लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया था। इसके बाद आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

12 साल बाद हुई थी एफआईआर
सूरत की यह घटना साल 2001 की है। उस वक्त किसी ने भी आसाराम के खिलाफ केस करने की हिम्मत नहीं की। आखिरकार घटना के 12 साल बाद यानी 6 अक्टूबर 2013 को रेप का मामला दर्ज किया गया। उस समय सरकार की ओर से 55 गवाहों का परीक्षण कराया गया था। सभी गवाहों के बयान विरोधाभासी होने के कारण कुल 8 में से एक आरोपी को गवाह बनाया गया। इसके अलावा सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। तभी से मामला चल रहा था। आज गांधीनगर सत्र न्यायालय ने 6 आरोपियों को निर्दोष और आसाराम को दोषी करार दिया है।

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