ओडिशा के मंत्री की हत्या के पीछे साजिश या बाइपोलर डिसऑर्डर वजह?

भुवनेश्वर ,

ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की रविवार को एक पुलिसकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी. आरोपी ASI गोपाल कृष्ण दास को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में सीआईडी क्राइम ब्रांच जांच में जुट गई है. नब किशोर दास के समर्थक इसे सुरक्षा में चूक बताते हुए साजिश करार दे रहे हैं. तो वहीं जांच में सामने आया है कि आरोपी ASI आठ साल से बाइपोलर डिसऑर्डर का शिकार है. हालांकि, पुलिस अभी सभी एंगल में जांच में जुटी है. आईए जानते हैं इस मामले में 10 बड़े अपडेट्स

1- ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास रविवार को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर इलाके में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. प्रोटोकॉल के तहत उनकी सुरक्षा में गांधी चौक पुलिस चौकी में तैनात ASI गोपाल कृष्ण दास की ड्यूटी लगी थी. जब दास कार्यक्रम स्थल पर गाड़ी से उतर रहे थे, तभी आरोपी ASI गोपाल ने सीने से सटाकर रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. घटना में मंत्री लहूलुहान हो गए. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी गोपाल को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया.

2- नब किशोर दास को एयरलिफ्ट कर झारसुगुड़ा से भुवनेश्वर एम्स लाया गया. जहां उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक, नब दास को एक गोली लगी थी. इससे उनके दिल और फेफड़ा जख्मी हो गया. अस्पताल के मुताबिक, तमाम इलाज और कोशिशों के बावजूद दास की जान नहीं बच सकी. नब किशोर दास की हत्या के मामले में जांच के लिए सीआईडी क्राइम ब्रांच का गठन किया गया. इस टीम में 7 सदस्यों के अलावा साइबर एक्सपर्ट, बैलिस्टिक एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है. टीम का नेतृत्व डीएसपी रमेश डोरा ओपीएस कर रहे हैं.

3- ओडिशा सरकार ने रविवार को कहा कि नब किशोर दास को राजकीय सम्मान दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक, 29-31 जनवरी तक तीन दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा. उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को दास की मौत पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि वे इस खबर से दुखी और परेशान हैं. उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने किशोर दास के निधन पर दुख जताया.

4- नब किशोर दास को नवीन पटनायक का करीबी माना जाता था. नवीन पटनायक ने कहा कि वे यह खबर सुनकर दुखी और स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा, डॉक्टरों ने दास का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया. लेकिन दुर्भाग्य से वे ठीक नहीं हो सके. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय में रहते कई बड़े कदम उठाए, जिसका लोगों को फायदा मिला. सीएम पटनायक ने कहा, एक नेता के रूप में, दास ने बीजू जनता दल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. वे जमीनी व्यक्ति थे और सभी वर्गों के लोगों का सम्मान और प्यार करते थे.

5- नब किशोर दास मई 2019 में ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री बने थे. यहां तक कि पिछले साल जून में जब नवीन पटनायक ने कैबिनेट में बदलाव किया था, तब भी नब किशोर दास के मंत्रालय में बदलाव नहीं किया गया. नब किशोर दास ने कोरोना काल में स्वास्थ्य मंत्री रहते काफी अच्छा काम किया. इसे लेकर राज्य में उनकी तारीफ भी हुई. दास की पत्नी मिनाती और एक बेटा और बेटी है.

6- नब दास 2019 में कांग्रेस छोड़कर बीजद में शामिल हुए थे. नब दास बड़े कांग्रेसी नेता माने जाते थे, यहां तक कि वे बीजद की लहर के बावजूद चुनाव नहीं हारे. नब दास लॉ ग्रेजुएट थे और कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में आ गए थे. वे ओडिशा NSUI के उपाध्यक्ष रहे. इसके बाद वे ओडिशा यूथ कांग्रेस के भी उपाध्यक्ष रहे. बाद में वे ओडिशा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी बने. दास ने झारसुगुड़ा से 2009 में कांग्रेस से अपना पहला चुनाव जीता था. उन्होंने बीजद के किशोर कुमार मोहंती को मात दी थी. इसके बाद वे 2014 में भी इसी सीट से जीते. लेकिन 2019 चुनाव से पहले उन्होंने बीजद में शामिल होने का फैसला किया और 2019 में बीजद के टिकट से चुनाव जीते.

7- नब दास खनन क्षेत्र से जुड़े थे. उनकी पहचान क्षेत्र के मजबूत लोगों में थी. वे कोयला खनन, परिवहन और हॉस्पिटैलिटी के बिजनेस से जुड़े थे. नब किशोर दास नवीन कैबिनेट के सबसे अमीर मंत्रियों में से थे. उन्होंने 2022 में अपनी संपत्ति 34 करोड़ बताई थी. उनके पास 80 वाहन हैं.

8- आरोपी सहायक पुलिस उप निरीक्षक (ASI) गोपाल दास की पत्नी और साइकोलॉजिस्ट का बड़ा बयान सामने आया है. आरोपी की पत्नी जयंती दास ने बताया कि मुझे नहीं पता कि क्या हुआ है. मुझे इस घटना के बारे में न्यूज से पता चला. सुबह से मेरी गोपाल से बात भी नहीं हुई. वो आखिरी बार पांच महीने पहले घर आए थे. गोपाल ने सुबह वीडियो कॉल पर बेटी से बात की थी. ये उनकी आखिरी कॉल थी. उन्हें कुछ मानसिक परेशानी थी, जिसका वो पिछले 7-8 साल से इलाज करवा रहे थे. दवा लेने के बाद वो सामान्य व्यवहार करते थे. पत्नी जयंती का कहना था कि चूंकि पति मुझसे करीब 400 किमी दूर रहते हैं. मैं यह नहीं कह सकती कि वह नियमित रूप से दवा ले रहे थे या नहीं.

9- उधर, बेरहामपुर के MKCG मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मनोरोग विभाग के हेड डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी ने बताया कि ASI गोपाल दास बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) के शिकार थे. दास लगभग आठ से दस साल पहले पहली बार मेरे क्लीनिक पर आए थे. वो बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते थे और इसका इलाज चल रहा था. मैं यह नहीं बता सकता हूं कि वह नियमित रूप से दवाएं ले रहे थे या नहीं.

10- इस घटना के बाद ओडिशा का पुलिस विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है. मंत्री की सुरक्षा से लेकर बायपोलर डिसऑर्डर के शिकार एएसआई को रिवॉल्वर देने पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. कहा जा रहा है कि मेंटल डिसऑर्डर के बावजूद गोपाल दास को कैसे एक सर्विस रिवाल्वर जारी कर दी गई? इतना ही नहीं, ब्रजराजनगर में एक पुलिस चौकी का प्रभारी भी नियुक्त कर दिया गया? गोपाल ने अपने ही चौकी इलाके मेंमंत्री को गोली मार दी और प्रोटोकॉल में तैनात अन्य अफसर उसकी मानसिक स्थिति तक नहीं भांप पाए?

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