किसान बैरिकेडिंग तोड़ने को तैयार रखें टैक्टर, राकेश टिकैत ने बताया क्या है प्लान, BJP पर किया बड़ा हमला

जालौन

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जालौन पहुंचे। यहां पर राकेश टिकैत ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरा देश एक ही आदमी को अमीर बनाने पर लगा हुआ है, यह लोग देश को बेच डालेंगे। उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि अगर देश में किसान आंदोलन न होता तो लोगों में बदलाव न होते, किसान आंदोलन से देश में वैचारिक क्रांति आई है। बीजेपी सरकार ने बुंदेलखंड के लोगों को विश्वास में लेकर ठगा है। यहां की खनिज संपदाओं को बाहरी व्यापारी लूट रहे हैं। यहां उन्होंने कहा कि किसान अपना टैक्टर लेकर तैयार रहें। एमएसपी से लेकर कई मुद्दों पर बड़ा अंदोलन होगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जालौन के उरई में आए हुए थे।

इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि बीजेपी के एजेंडे नागपुर से तय होते हैं। देश में मीडिया को सरकार से क्या पूछना है, क्या बताना है, यह सब नागपुर से तय होता है। देश के किसान अगर धरना न देते तो सरकार न जाने क्या करती, सरकार की चले तो आंदोलनकरियों को भी खत्म कर दें। राकेश टिकैत ने नारंगी पगड़ी पर जवाब देते हुए कहा कि मैंने नारंगी पगड़ी पहनी है। उन्होंने कहा कि यह संतों की पगड़ी है और इसलिए पहनी है कि कोई देश में चोरी न कर सके।उन्होंने बीजेपी पर हमलावर होते हुए कहा कि देश में इस तरह की विचारधारा की सरकार नहीं चाहिए। बड़ी-बड़ी कंपनियां हिंदुस्तान में मार्केट की तलाश कर रही हैं। सबकी नजरें यहां पर है, देश के किसान अपनी जमीन किसी को न दें।

देश में तानाशाहों का राज
राकेश टिकैत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार हिंदू-मुस्लिम नहीं बल्कि सिख-हिंदुओं के बीच झगड़ा कराना चाहती है। किसानों के बीच दरार डालकर जातिगत संगठन खड़ा करना चाहती है। इसके अलावा यादवों को भी लड़ना चाहती है। देश में तानाशाहों का राज है। हारे हुए कैंडिडेट को सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। किसी ने भी चुनाव आयोग में शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई।

आंदोलन में शहीद हुए थे यूपी के किसान, नहीं मिला मुआवजा
किसान आंदोलन को लेकर टिकैत बोले कि आंदोलन में जो किसान शहीद हुए थे, उन्हें हरियाणा सरकार ने मुआवजा दिया। हालांकि यूपी के 12 किसान भी इस आंदोलन में शहीद हुए थे, लेकिन यहां पर किसानों को कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया। क्योंकि यहां पर बीजेपी की सरकार है। उत्तर प्रदेश का किसान जातिवाद और धर्म में बटा हुआ है लेकिन समय आने पर एक जरुर होगा।

MSP को लेकर जल्द होगा बड़ा आंदोलन
एमएसपी कानून को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने इसे लागू नहीं किया है, देश की मांग है कि एमएसपी और स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू हो। अगर मांगे नहीं मानी गई तो एक बड़ा आंदोलन होगा। देश के किसान एकजुट और अपनी जमीन व्यापारी को सस्ते दामों में न बेंचे। यह सरकार व्यापारियों की है और पूरा देश एक ही आदमी को अमीर बनाने के लिए जुट गया है। फिर भी वह अमीर नहीं बन पाया, तो देश के किसान के हालात क्या होंगे। टिकैत ने कहा कि यह वही बुंदेलखंड है, जिसने कई लोगों की यात्राएं रोकी है। सरकार ने बुंदेलखंड के लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें धोखा दिया है। अवैध खनन ने बुंदेलखंड को लूट लिया है, यहां पर विकास नहीं हुआ, बल्कि पूरा बुंदेलखंड बर्बाद हो गया है। यहां की खनिज संपदाओं को बाहरी लोग लूट रहे हैं। बुंदेलखंड के किसान तैयार रहें लड़ाई का ऐलान कभी भी हो सकता है। किसान अपनी ट्रैक्टर तैयार रखें, इसका इस्तेमाल वह चाहे तो खेत पर करें या फिर बेरीगेटिंग तोड़ने में।

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