तकरार, इंतजार, नाराजगी, फटकार…आखिरकार मानी सरकार, सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की नियुक्ति को हरी झंडी

नई दिल्‍ली:

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 5 न्‍यायाधीशों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी। उन्‍होंने पांचों न्‍यायाधीशों को शुभकामनाएं दी हैं। इनमें राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मिथल, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल, मणिपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी.वी. संजय कुमार, पटना हाईकोर्ट के जज अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज मनोज मिश्रा शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कलेजियम ने पिछले साल 13 दिसंबर को शीर्ष अदालत में प्रमोशन के लिए पांच जजों के नामों की सिफारिश की थी। इनकी नियुक्ति में देरी से सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से नाराजगी जताई थी।

किरेन रिजीजू ने शनिवार को ट्वीट करके बताया कि भारतीय संविधान के प्रावधान के तहत राष्‍ट्रपति ने हाईकोर्ट के 5 चीफ जस्टिस और जजों की सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति की है। इन सभी को शुभकामनाएं।

केंद्र ने द‍िया था सुप्रीम कोर्ट को भरोसा
केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया था कि देश की सबसे बड़ी अदालत में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए जल्दी ही मंजूरी दी जाएगी। कलीजियम ने पिछले साल दिसंबर में इस बारे में सिफारिश की थी। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति ए. एस. ओका की पीठ से कहा था कि इन पांच नामों की नियुक्ति का आदेश जल्दी ही जारी होने की संभावना है। पीठ ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिशों को मंजूरी देने में केंद्र की ओर से देरी किए जाने पर नाराजगी जताती थी। उसने कहा था कि यह काफी गंभीर मुद्दा है। पीठ ने चेतावनी दी थी कि उसे ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं करें जो बहुत असहज हो।

न‍ियुक्‍त‍ि के मसले पर रही है तकरार
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों में जजों की नियुक्ति के मसले पर केंद्र की ओर से देरी के संबंध में सर्वोच्‍च अदालत नाराजगी जाहिर करती रही है। कलीजियम ने पिछले साल 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन के लिए पांच जजों के नामों की सिफारिश की थी। इनमें राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल, मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी.वी. संजय कुमार, पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज मिश्रा शामिल थे। बाद में 31 जनवरी को प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले कलीजियम ने शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के रूप में प्रमोशन करने के लिए केंद्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार के नामों की सिफारिश की थी। शीर्ष अदालत में प्रधान न्यायाधीश (सीजीआई) समेत 34 न्यायाधीशों के स्वीकृत पद हैं। अभी शीर्ष अदालत 27 न्यायाधीशों के साथ काम कर रही है।

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