आज से RBI की बैठक, आम आदमी को लग सकता है झटका, इतना बढ़ेगा रेपो रेट?

नई दिल्ली,

देश में महंगाई दर भले ही कम हो गई हो, लेकिन आम आदमी पर की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक समिति (MPC) की बैठक सोमवार से शुरू हुई है और संभावना जताई जा रही हैं कि केंद्रीय बैंक इस बार भी रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो फिर लोन महंगा होगा और EMI के लिए जेब से ज्यादा खर्च करना होगा. बैठक के नतीजों का ऐलान 8 फरवरी 2023 को किया जाएगा.

25 बेसिस प्वाइंट बढ़ सकता है रेपो रेट
विशेषज्ञों का अनुमान है कि भले ही देश में महंगाई  दर नीचे आ गई है, लेकिन बीते साल लगातार पांच बार रेपो रेट में बढ़ोतरी का सिलसिला इस साल भी जारी रहेगा. हालांकि, अब रेपो रेट में कम वृद्धि की संभावना है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुधवार 8 फरवरी को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी या 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का ऐलान कर सकते हैं. साल 2022 में महंगाई दर के लगातार उच्च स्तर पर रहने के चलते इसे काबू में करने के लिए बैंक ने कड़े कदम उठाए थे.

2022 में लगातार 5 बार किया था इजाफा
RBI ने साल 2022 के आखिर तक एक के बाद एक पांच बार रेपो रेट को बढ़ाकर 6.24 फीसदी कर दिया था. इसमें आखिरी बार बढ़ोतरी दिसंबर 2022 में देखने को मिली थी, जब एमपीसी की बैठक के बाद ब्याज दरों में 0.35 फीसदी का इजाफा किया था. एक साल में ही आरबीआई ने रेपो रेट में कुल 225 बेसिस प्वाइंट या 2.25 फीसदी की वृद्धि की थी. इन दरों में हर एक वृद्धि के बाद बैंकों की ओर से आम आदमी को झटका दिया गया और लोन महंगा कर दिया गया. अब एक बार फिर ईएमआई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.

Repo Rate का लोन पर असर
आरबीआई द्वारा निर्धारित रेपो रेट सीधे बैंकों के लोन को प्रभावित करता है. अगर इसकी दरें बढ़ती हैं तो लगभग होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन सभी तरह का Loan महंगा हो जाएगा. दरअसल, रेपो रेट  वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) बैंकों को कर्ज देता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते हैं जिस दर पर बैंकों को आरबीआई पैसा रखने पर ब्याज देती है. रेपो रेट के कम होने से लोन की EMI घट जाती है, जबकि रेपो रेट में बढ़ोतरी से सभी तरह का Loan महंगा हो जाता है और इसी क्रम में ईएमआई में भी इजाफा देखने को मिलता है.

RBI के दायरे में महंगाई दर
बीते साल जहां भारत में महंगाई दर लगातार सात फीसदी के ऊपर बनी हुई थी. इसे काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक ने सख्त कदम उठाते हुए रेपो रेट में लगातार इजाफा किया और इसका असर भी देखने को मिला. फिलहाल, महंगाई दर RBI के निर्धारित लक्ष्य के दायरे में है. देश में खुदरा महंगाई  5.72 फीसदी पर आ गई है. वहीं थोक महंगाई दर  नवंबर के 5.85 फीसदी से घटकर दिसंबर 2022 में 4.95 फीसदी हो गई थी.

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