‘वह कौन सी लड़ाई लड़ने आए थे?’, रामचरितमानस के बाद अब स्वामी प्रसाद मौर्य ने उठाया लक्ष्मण पर सवाल

लखनऊ,

रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों पर सवाल उठाने के बाद अब समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण पर विवादित बयान दिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुर किए जाने की मांग पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि लक्ष्मण कौन सी लड़ाई लड़ने आए थे?

लखनऊ का नाम बदलकर लक्ष्मणपुर करने पर सपा नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह सब कपोल कल्पना करना और मुंगेरीलाल के सपने देखना है, जब भी कोई चुनाव नजदीक आता है तो बीजेपी के लोग इसी तरह बेलगाम होकर अनाप-शनाप मांग रखते हैं, झूठी वाहवाही लूटने की कोशिश करते हैं.

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘लखनऊ क्यों बुरा है, बीजेपी के लोग भी कहते हैं कि यह लखनऊ गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र है, लखनऊ हमारी संस्कृति की विरासत है. उन आक्रमणकारियों से लक्ष्मण का क्या वास्ता, वह कौन सी लड़ाई लड़ने आए थे. लक्ष्मण कहीं फ्रीडम फाइट में कहीं दिखाई पड़े थे क्या?’

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘लखनऊ का नाम बदलना है तो पासी समाज की महिला वीरांगना देवी के नाम पर क्यों नहीं रख देते हैं, लाखन पासी लखनऊ के राजा थे उनके नाम पर रख दे, नाम बदलना बच्चों के घरौंदे का खेल नहीं है.’ स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि रामचरितमानस की चौपाइयों को लेकर मैंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हुए सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पीएम रामचरितमानस की चौपाइयों के आपत्तिजनक अंश को हटाए, जिसमें महिलाओं और शूद्रों को अपमानित किया गया है. बीजेपी में रहते हुए रामचरितमानस पर सवाल न उठाने के सवाल का जवाब देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि हर चीज का एक अवसर होता है.

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