असम में भूकंप के झटके से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई तीव्रता

नागांव,

असम के नागांव में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप के झटके शाम 4 बजकर 8 मिनट पर महसूस किए गए.

इससे एक दिन पहले गुजरात के सूरत जिले में 3.8 तीव्रता का भूकंप का झटका दर्ज किया गया था. इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (आईएसआर) के एक अधिकारी ने कहा कि सूरत के पश्चिम दक्षिण पश्चिम (डब्ल्यूएसडब्ल्यू) से लगभग 27 किलोमीटर की दूरी पर भूकंप का केंद्र 12:52 बजे दर्ज किया गया था.

जिला आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने कहा, ‘भूकंप का यह 5.2 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया था, और उपरिकेंद्र जिले में हजीरा से दूर अरब सागर में था. झटके से संपत्ति या जीवन को कोई नुकसान नहीं हुआ.’

6 फरवरी को तुर्की और सीरिया में आया भूकंप
बता दें कि इस वक्त तुर्की और सीरिया में भूकंप की वजह से तबाही मची हुई है. 6 फरवरी को आए भूकंप की वजह से दोनों देशों में 28 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है. जानकारी के लिए बता दें कि तुर्की में एक के बाद एक भूकंप के पांच झटके महसूस किए गए थे. इससे भारी तबाही मची है. जिससे राहत और बचाव के काम में भारत की ओर से भी मदद दी गई है.

एक ही दिन में पांच बार आया भूकंप
तुर्की में भूकंप का पहला झटका 6 फरवरी की सुबह 4.17 बजे आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.8 मैग्नीट्यूड थी. भूकंप का केंद्र दक्षिणी तुर्की का गाजियांटेप था. इससे पहले की लोग इससे संभल पाते कुछ देर बाद ही भूकंप का एक और झटका आया, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मैग्नीट्यूड थी.

तुर्की और सीरिया में तबाही
भूकंप के झटकों का यह दौर यहीं नहीं रुका. इसके बाद 6.5 तीव्रता का एक और झटका लगा. भूकंप के इन झटकों ने मालाटया, सनलीउर्फा, ओस्मानिए और दियारबाकिर सहित 11 प्रांतों में तबाही मचा दी. शाम 4 बजे भूकंप का एक और यानी चौथा झटका आया. बताया जा रहा है कि इस झटके ने ही सबसे ज्यादा तबाही मचाई. इसके ठीक डेढ़ घंटे बाद शाम 5.30 बजे भूकंप का 5वीं झटका आया.

उत्तराखंड के शख्स की भी तुर्की में गई जान
तुर्की में आए भयंकर भूकंप के झटकों की तबाही ने भारत के एक युवक की जिंदगी भी छीन ली. उत्तराखंड के विजय कुमार गौड़ तुर्की में एक बिजनेस ट्रिप पर गए हुए थे. उनका शव होटल के मलबे से बरामद किया गया है. विजय की लाश को उनके हाथ में बने ओम के टैटू से पहचाना गया.

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