पीएम मोदी के मुरीद बन गए हैं पाकिस्‍तानी… तारीफ करते थक नहीं रहा पाक मीडिया

नई दिल्‍ली

गंभीर आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्‍तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चर्चा में हैं। पाकिस्‍तानी अपने मुल्‍क में पीएम मोदी जैसा नेता चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर पाकिस्‍तानी मीडिया के रुख में अचानक यू-टर्न आ गया है। उनकी तारीफ करते वह थक नहीं रहा है। वहां के चैनलों में भारत की आर्थिक और विदेश नीति सुर्खियों में आ गई है। तुर्की में मदद से लेकर रूस और यूक्रेन युद्ध में भारत के रुख को पाक‍िस्‍तानी एक्‍सपर्ट्स खुलकर सराह रहे हैं। वे भारत के साथ रिश्‍ते सुधारने की मांग करने लगे हैं। पाकिस्‍तान आज जिस कंगाली में आकर खड़ा हो गया है, उसके लिए वे पाकिस्‍तानी हुकूमत को कसूरवार मानते हैं।

अपनी ही कारगुजारियों ने पाकिस्‍तान को मुश्किल में फंसा दिया है। उसका आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वहां का मीडिया शहबाज शरीफ सरकार की खुलकर धज्जियां उड़ाने में लगा है। इसके उलट पानी पी-पीकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने वाले पाकिस्‍तानी मीडिया का रुख एकदम बदल गया है। चर्चा में शिरकत करने वाले तमाम पाक‍िस्‍तानी एक्‍सपर्ट्स भारत की विदेश और आर्थिक नीति की वाहवाही कर रहे हैं।

भूल जाओ भारत से प्रत‍िस्‍पर्धा…
पाकिस्‍तान मीडिया खुलकर कहने लगा है कि अब भारत से प्रतिस्‍पर्धा भूल जानी चाहिए। वह बहुत आगे निकल चुका है। तुर्की से दुश्‍मनी भुलाकर जिस तरह भारत ने मदद भेजी, उसे भी बहुत सराहा गया है। अलबत्‍ता, पाकिस्‍तान सरकर ने भूकंप के वक्‍त जिस बेशर्मी से इस मदद को तुर्की तक पहुंचने में अड़ंगा लगाया, उसकी आलोचना वहां भी हुई है।

पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, उनकी हुकूमत के पास दुनिया को देने के लिए कुछ नहीं है। दूसरी ओर भारत आज अपनी पॉलिसियों की वजह से संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्‍थायी सीट पाने का प्रबल दावेदार बन गया है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को रुकवाने में वह मध्‍यस्‍थता निभाने में जुटा है। कोई भी देश उसे नजरअंदाज नहीं कर सकता है। सभी पश्चिमी देश भारत को हाथोंहाथ लेने को खड़े हैं। ब्रिटेन को पछाड़ पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनना सबूत है कि वह किस तेजी के साथ अपनी योजनाओं को पूरा करने में लगा है।

पीएम मोदी से सीखने की नसीहत…
पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट्स शहबाज शरीफ सरकार को पीएम मोदी से सीखने की नसीहत देने में लगे हैं। चीन पर भारत के रुख की भी उन्‍होंने सराहना की है। वे यह भी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह का माहौल बन दिया है, उससे पाकिस्‍तान की बात सुनने वाला कोई नहीं रह गया है। मोदी की पॉलिसियों के कारण आज कश्‍मीर मुद्दा भी कहीं पीछे चला गया है। तमाम मुस्‍ल‍िम मुमालिक भी पाकिस्‍तान से दूर होकर भारत के साथ रिश्‍ते बनाने में लगे हैं। उन्‍हें भारत की अहमियत का अंदाजा लग चुका है। उन्‍हें पता कि पाकिस्‍तान सिर्फ भीख मांग सकता है। उसके पास देने को कुछ नहीं है। अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF) से भी वह बस इसी जुगाड़ में है। इसके लिए वह हर शर्त मान लेगा।

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