आधी दौलत उड़ गई, फिर भी क्यों मुस्कुरा रहे हैं अडानी? जानिए क्या है माजरा

नई दिल्ली

24 जनवरी को अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह को लेकर एक निगेटिव रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के बाद अडानी समूह में भूचाल मच गया। गौतम अडानी की निजी संपत्ति गिरकर आधी रह गई। कंपनी का मार्केट कैप 125 अरब डॉलर तक गिर गया। गौतम अडानी जो एक महीने पहले तक 127 अरब डॉलर की निजी संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स थे वो गिरकर 23नंबर पर पहुंच गए। हर तरह अडानी और अडानी के कर्ज, उनके लोन की बातें हो रही है। कंपनी की दौलत घट रही है, लेकिन गौतम अडानी ने सामने से आकर निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है। कंपनी पर कोई खतरा नहीं है। कंपनी के निवेशकों का पैसा सुरक्षित है। एक तरफ दौलत लुट रही है, लेकिन गौतम अडानी और उनकी टीम क्यों ‘ऑल इज वेल’ की बातें क्यों कर रही है, आइए जानते हैं।

इसलिए मुस्कुरा रहे हैं अडानी
हर तरफ गौतम अडानी के कर्ज की बातें हो रही है। सितंबर 2022 में क्रेडिटसाइट्स ने भी अडानी समूह पर कर्ज को लेकर चिंता जताई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया कि अडानी ग्रीन का कर्ज-इक्विटी रेश्यो सबसे खराब है। कंपनी भारी कर्ज के बोझ में दबी है, लेकिन क्या अडानी की कंपनियों पर कर्ज इतनी बड़ी चिंता का विषय है? जिस कर्ज को लेकर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हो रहा है क्या उसके लिए वो कर्ज सचमुच चिंता का कारण है। जिस कंपनी की आधी दौलत घट गई हो, वो कैसे दावा कर रही है कि उसके पास पर्याप्त फंड है?

अडानी के कर्ज पर भारी उनकी संपत्ति
अडानी ग्रुप पर जितना कर्ज है, उससे दोगुनी तो उनका निजी नेटवर्थ है। जनवरी 2023 तक हिंडनबर्ग के रिपोर्ट आने से पहले तक ये 5 गुना था, लेकिन शेयरों में गिरावट के कारण अडानी की निजी संपत्ति घट गई है। मार्च 2022 तक के आंकड़ों के हिसाब से अडानी समूह पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। भले ही आपको ये आंकड़ा बहुत बड़ा लग रहा है, लेकिन आपको बता दें कि अडानी के निजी नेटवर्थ के सामने ये कर्ज कुछ नहीं है। फोर्ब्स बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक उनकी निजी संपत्ति 54 अरब डॉलर यानी 4.46 लाख करोड़ के करीब है। यानी अगर कुछ होता भी है तो अडानी अपनी आधी दौलत देकर ही इस कर्ज से निपट लेंगे।

अडानी के बैलेंस शीट पर एक नजर
अडानी समूह का 2 लाख करोड़ का कर्ज सुनने में जितना भारी लग रहा है, उसे अगर थोड़ा गौर से देखें तो वो उतना भी बड़ा नहीं है, जिससे कंपनी इतना परेशान हो। कंपनी के मार्केट कैप, उसके रेवेन्यू को देखें तो ये कर्ज बहुत बड़ा नहीं है। अडानी समूह के इस कर्ज में काफी छोटी अवधि वाला कर्ज भी शामिल है। इसमें 0.35 लाख करोड़ रुपये का लोन प्रमोटर्स ने समूह की कंपनियों को दिया है। वहीं 0.21 लाख करोड़ रुपये का कर्ज शॉर्ट टर्म लोन है। अडानी के बैलेंस शीट में करीब 0.27 लाख करोड़ का कैश है। यानी कुल मिलाकर कंपनी का कुल कर्ज करीब 1.30 लाख करोड़ के आसपास बैठता है।

अडानी ग्रीन खत्म कर सकता है कर्ज का बोझ
अगर हम आपको सिर्फ अडानी ग्रीन के बैलेंस शीट को ही दिखाए तो इसका रेवेन्यू साल 2020 में 2548 करोड़ रुपये से बढ़कर साल 2022 में 5133 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की कमाई का अंदाजा आप इन आंकड़ों से लगा सकते हैं। अगर मुनाफे की बात करें तो साल 2022 में कंपनी को 488 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। अडानी के कुल कर्ज के मुकाबले उनका एसेट्स दोगुने से भी अधिक है। रिसर्च फर्म Bernstein ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अडानी समूह सिर्फ अडानी ग्रीन की मदद से ही समूह के पूरे कर्ज के बोझ को खत्म कर सकती है। अडानी समूह की कंपनियों की सेहत काफी बेहतर है, जिसके दमपर बार-बार कंपनी की ओर से पर्याप्त फंड के दावे किए जा रहे हैं। अडानी ग्रुप ने दावा किया है कि उसके पास कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए पर्याप्त कैश है।

अडानी के एसेट्स पर एक नजर
अडानी के पास कितनी संपत्ति है इसे भी जानना दिलचस्प है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव से उनकी संपत्ति में अस्थाई तौर पर बदलाव हो जाता है, लेकिन उनके पास दौलत का भंडार है। उनका साम्राज्य पोर्ट, एयरपोर्ट, पेट्रोकैमिकल, रियल एस्टेट, सीमेंट, एक्सपोर्ट इंपोर्ट , एफएमजीटी समेत कई सेक्टर में फैला है। अडानी समूह ने कोरोना काल में कंपनियों का अधिग्रहण भी किया। उनकी 10 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड है। अडानी प्राइवेट सेक्टर में सबसे बड़ा पोर्ट चलाने वाली कंपनी है। मुंबई एयरपोर्ट समेत देश के सात बड़े एयरपोर्ट हैं। प्राइवेट सेक्टर में सबसे ज्यादा बिजली अडानी पावर जेनरेट करती है। सीमेंट सेक्टर में उनका आधिपत्य है। फार्च्यून ब्रांड के जरिए वो आपकी रसोई पर राज करते हैं।

अडानी के पास क्या-क्या है
अगर सिर्फ गौतम अडानी की निजी संपत्ति पर गौर करें तो उनके पास तीन महंगे जेट हेलीकॉप्टर, लग्जरी कारों का कलेक्शन है। उनके कार कलेक्शन में फेरारी, बीएमडब्लू जैसी कारों की सीरीज है। उनके सबसे सस्ते जेट की कीमत 15 करोड़ है। अहमदाबाद स्थित उनका घर किसी महल से कम नहीं है। दिल्ली स्थित उनके घर की कीमत 400 करोड़ बताई जाती है। अडानी समूह के पास 17 मालवाहन जहाज और 13 पोर्ट है।

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