मुझे ‘गंदे काम’ दिए गए, गांगुली, सचिन, द्रविड़… स्लेजिंग पर पूर्व भारतीय खिलाड़ी का बड़ा बयान

नई दिल्ली

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2023 का दूसरा टेस्ट दिल्ली में होना है। भारतीय टीम ने नागपुर में कंगारुओं को पारी और 132 रनों से रौंदते हुए सीरीज में जबरदस्त आगाज किया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसे एशेज से बड़ी सीरीज बताई थी और अब इसमें कोई शक नहीं कि वह पलटवार की तैयारी में लगी होगी। दोनों टीमों के बीच स्लेजिंग भी खूब होता है। इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर नयन मोंगिया ने बड़ा खुलासा किया है।

2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऐतिहासिक टेस्ट मैच को याद करते हुए मोंगिया ने कहा कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और अनिल कुंबले जैसे खिलाड़ियों ने अपने खेल से आक्रामकता दिखाई। वे ऑस्ट्रेलियाई लोगों को चुप करा देते थे। हालांकि, नई दिल्ली में दूसरे टेस्ट से चीजें बदल सकती हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला के पहले मैच में एक पारी और 132 रनों से हारने के बाद पलटवार के लिए बेताब होगा।

दूसरे मैच से पहले भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज नयन मोंगिया, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया की लड़ाई के लिए अजनबी नहीं हैं, ने याद किया कि कैसे वह स्लेजिंग एपिसोड से निपटते थे। उन्होंने कहा- यह खेल का हिस्सा है। हमने मैदान पर इसका आनंद लिया। लेकिन जब तक आप प्रदर्शन कर रहे हैं, तब तक कुछ भी मायने नहीं रखता। जब प्रदर्शन होता है तो वे चुप हो जाते हैं। सचिन जैसे खिलाड़ी यही करते थे। अपने प्रदर्शन से जवाब देते थे। द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, सहवाग, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, मोहम्मद अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली ने भी अपने करियर में किया। वे खेल के दिग्गज थे।

उन्होंने कहा- इन खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। यह एक बहुत अच्छा सिखने का अनुभव था। अगर आपको 2001 का प्रसिद्ध कोलकाता टेस्ट याद है तो भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को चुप कराने में आत्म-विश्वास दिखाया था। हमारे पास उस समय आक्रामकता थी और हमने इसे अपने प्रदर्शन से किया था।

स्लेजिंग में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर मोंगिया ने कहा कि कीपर के रूप में उन्हें ‘गंदा काम’ दिया गया था। उन्होंने कहा- बेशक एक विकेटकीपर के रूप में मैं कुछ शब्द कहता था। मुझे अपने करियर के दौरान कभी-कभी गंदा काम दिया गया था। किसी को यह समझने की जरूरत है कि कब स्लेजिंग करनी है और कब नहीं। यदि आप स्टीव वॉ या ब्रायन लारा जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ छींटाकशी करते रहते हैं तो वे अधिक दृढ़ हो जाते हैं। इसलिए एक निश्चित समय पर आपको चुप रहने की जरूरत है। स्लेजिंग एक कला है और इसे बहुत सजगता से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विकेटकीपर बल्लेबाज के मिजाज को समझ सकता है। कप्तान और गेंदबाज को सलाह देने में विकेटकीपर की भी अहम भूमिका होती है।

44 टेस्ट और 140 एकदिवसीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले गुजरात के इस खिलाड़ी ने कहा कि दिग्गज स्टीव वॉ, मैथ्यू हेडन और ग्लेन मैक्ग्रा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच मास्टर स्लेजर्स थे। उन्होंने कहा- ऑस्ट्रेलिया के लिए मैं कहूंगा कि स्टीव वॉ, मैथ्यू हेडन, गिलक्रिस्ट, मैकग्राथ जैसे खिलाड़ी जो छींटाकशी में अच्छे थे। उनमें खिलाड़ी की एकाग्रता को भंग करने की आदत थी। वे एक टीम के रूप में काम करते थे। लेकिन यह बहुत मजेदार था। इनमें से कुछ स्लेज बहुत मजेदार थे।

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