भिवानी कांड: मोनू का दावा- वारदात के समय होटल और घर में था, गवाह हैं CCTV फुटेज

नई दिल्ली,

हरियाणा के भिवानी कांड में आरोपी मोनू मानेसर के घर की सीसीटीवी फुटेज सामने आई हैं. सुबह 8 बजकर 47 मिनट पर उसका घर पहुंचकर गाड़ी से उतरना और 8 बजकर 51 मिनट पर बच्चों के साथ खेलना कैद हुआ है. इन फुटेज के आधार पर मोनू मानेसर का दावा है कि उसका इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है.

14 फरवरी को होटल में था मोनू मानेसर
फुटेज के आधार पर, मोनू मानेसर 14 फरवरी को होटल में था. 15 फरवरी की सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर होटल से निकला था. इसके बाद 7 बजकर 56 मिनट पर जमालपुर में गाड़ी से घर जाते हुए और सुबह 8 बजकर 47 मिनट पर गाड़ी से उतरकर घर जाते हुए दिखा है. इसके बाद 08 बजकर 51 मिनट पर उसे घर में बच्चों के साथ खेलते हुए देखा गया.

इस दोहरे हत्याकांड से कोई संबंध नहीं- मोनू
इन CCTV फुटेज के आधार पर मोनू मानेसर का दावा है कि उसका इस दोहरे हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है. मोनू और उसके रिश्तेदारों का दावा है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. मोनू 14 की रात होटल और अगले दिन 15 फरवरी की सुबह अपने घर में था. इसका सबूत सीसीटीवी फुटेज हैं.

रिपोर्ट में हमारा नाम इसलिए डाला गया
मोनू मानेसर बजरंग दल का गुरुग्राम जिला संयोजक है. उसने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. मोनू ने कहा कि मामले में जो आरोपी बनाए गए हैं, वे सभी बजरंग दल से जुड़े हैं. सभी को जानता हूं, लेकिन हम निर्दोष हैं. मोनू मानेसर वीडियो जारी कर कहा कि रिपोर्ट में हमारा नाम इसलिए डाला गया है क्योंकि हम गौ-रक्षा करते हैं. बजरंग दल की कोई भी टीम वहां मौजूद नहीं थी. मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं. ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. सोशल मीडिया से हमें इस घटना का पता चला है. इस घटना में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. हम जांच में सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

जुनैद पर गौ-तस्करी के 5 मामले दर्ज थे
गौरतलब है कि भिवानी में गुरुवार को एक जली बोलेरो में दो कंकाल मिलने के मामले में हरियाणा से राजस्थान तक हड़कंप मचा हुआ है. दोनों मृतक राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे. जिनकी पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के तौर पर हुई है. मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यतकर्ताओं ने दोनों का भरतपुर से अपहरण किया और हत्या कर दी. दोनों का शव भरतपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर भिवानी के लोहारू में मिला था. जुनैद पर गौ-तस्करी के 5 मामले दर्ज थे. जबकि नासिर का कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं मिला है.

बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं इस केस के आरोपी
पुलिस ने मृतकों के चचेरे भाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में मोनू मानेसर, अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला के खिलाफ केस दर्ज किया है. सभी बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं और खुद को गौ-रक्षक बताते हैं.

बिना सबूतों के मामला दर्ज कराना गलत- बजरंग दल
उधर, इस मामले में गुरुग्राम में बजरंग दल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हत्या मामले में शोक जताया. साथ ही कहा कि बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ बिना सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कराना गलत है. पुलिस इस मामले जांच पूरी करे, जो भी आरोपी हैं, उन्हें गिरफ्तार करे. अपहरण और हत्या मामले से बजरंग दल के सदस्यों का कोई संबंध नहीं है. राजस्थान सरकार इस मामले पर राजनीतिक फायदा ले रही है. साथ ही सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है. गौ-रक्षकों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है.

राजनीतिक दुर्भावना से ग्रस्त है राजस्थान सरकार- VHP
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. साथ ही आरोप लगाया है कि राजनीतिक दुर्भावना से बजरंग दल का नाम मामले में घसीटा जा रहा है. विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि बिना प्राथमिक जांच के राजस्थान पुलिस ने तस्करों के भाई द्वारा बताए गए लोगों को घटना का जिम्मेदार मान लिया है. राजस्थान सरकार राजनीतिक दुर्भावना से ग्रस्त है और समाज को उससे न्याय की उम्मीद नहीं है.

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