‘भारत का अफगानिस्तान है तेलंगाना, KCR तालिबान…’ जगन की बहन का तीखा हमला

महबूबाबाद (तेलंगाना)

वाईएसआर तेलंगाना पार्टी (YSRTP) प्रमुख वाईएस शर्मिला ने रविवार को कहा कि तेलंगाना भारत का अफगानिस्तान है और केसीआर इसका तालिबान है। महबूबाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मिला ने कहा कि वह (तेलंगाना के सीएम केसीआर) एक तानाशाह हैं। वह अत्याचारी हैं। तेलंगाना में कोई भारतीय संविधान नहीं है। केवल केसीआर का संविधान है। तेलंगाना भारत का अफगानिस्तान है और केसीआर इसका तालिबान है। वाईएस शर्मिला ने यह बातें तब कहीं जब उन्हें तेलंगाना पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस पुलिस ने शर्मिला को महबूबाबाद के विधायक और बीआरएस नेता शंकर नाइक के खिलाफ कथित रूप से अनुचित टिप्पणी करने के आरोप में हिरासत में लिया है।

शर्मिला की गिरफ्तार क्यों
शर्मिला को उनकी पदयात्रा के दौरान महबूबाबाद शहर में पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उन्हें उनके रात्रि विश्राम शिविर से गिरफ्तार कर लिया और कस्बे में किसी भी कानून व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए उन्हें हैदराबाद ले आई। उन्होंने शनिवार शाम कस्बे में एक जनसभा के दौरान महबूबाबाद के विधायक बी. शंकर नाइक के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

शर्मिला के खिलाफ किस धारा में केस
स्थानीय बीआरएस नेता की शिकायत पर शर्मिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 504 ए और अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (1) आर के तहत महबूबाबाद टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। शर्मिला ने आरोप लगाया था कि विधायक भ्रष्टाचार में शामिल हैं और उन्होंने जमीनों पर कब्जा किया हुआ है।

प्रजा प्रस्थानम पदयात्रा के चलते विवाद
दरअसल दो महीने से अधिक के ब्रेक के बाद वाईएस शर्मिला ने इस महीने की शुरूआत में अपनी प्रजा प्रस्थानम पदयात्रा फिर से शुरू की थी। उन्होंने उस स्थान से पदयात्रा फिर से शुरू की जहां पिछले साल नवंबर में इसे रोक दिया गया था। बीआरएस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर 28 नवंबर को वारंगल जिले में उनकी बस में आग लगा दी थी और अन्य वाहनों पर पथराव किया था। बाद में, पुलिस ने शर्मिला को गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पदयात्रा को बंद करने से इनकार कर दिया था।

कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी यात्रा
वाईएस शर्मिला को हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया गया। अगले दिन, मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास की ओर एक विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, पदयात्रा फिर से शुरू नहीं हो सकी क्योंकि पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। वाईएसआरटीपी ने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसने शर्मिला को वॉकथॉन को फिर से शुरू करने की अनुमति देते हुए पहले लगाई गई शर्तों का पालन करने को कहा।

शर्मिला के खिलाफ बीआरएस का हल्ला बोल
वाईएस शर्मिला के बयान के बाद भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने महबूबाबाद विधायक के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में जिले में धरना दिया। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी वाईएसआरटीपी प्रमुख के खिलाफ “गो बैक शर्मिला” के नारे लगा रहे थे और पार्टी के होर्डिंग और फ्लेक्स जला रहे थे।

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