14.7 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeभोपालकिसानों पर मौसम की मार! शरबती गेहूं पर पड़ेगा फरवरी की इस...

किसानों पर मौसम की मार! शरबती गेहूं पर पड़ेगा फरवरी की इस गर्मी का असर

Published on

सीहोर,

मध्य प्रदेश का सीहोर जिला अपने शरबती गेहूं के चलते पूरे देश में मशहूर है. अच्छी-खासी डिमांड के बाद भी इसकी खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान होने वाला है. अचानक हुए मौसम में बदलाव के चलते इस फसल की उपज के साथ इसकी चमक और क्वालिटी पर भी असर पड़ सकता है.

मौसम के बदलाव का खेती पर कितना असर?
फरवरी महीने में ही भीषण गर्मी के चलते इस बार गेहूं के दाने समय से पहले पक सकते हैं. जिसके चलते इसका दाना छोटा रह सकता है. कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 3 लाख 42 हजार हेक्टेअर में गेहूं की बुवाई की गई है. 48 से लेकर 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार होने का अनुमान है. पिछले साल जिले में 3 लाख 30 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी. उस दौरान प्रति हेक्टेयर 47 क्विंटल की उपज हासिल हुई थी. कुल 15 लाख 51 हजार मीट्रिक टन गेंहू की पेदावर हुई थी.

शरबती गेंहू के स्वाद के सभी दीवाने
सीहोर का शरबती गेहूं मुंबई, तमिलनाडु, गुजरात,चेन्नई, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में भेजा जाता है. इसके आटे की रोटियां एकदम सफेद और नरम रहती हैं. हर छोटी-बड़ी दुकानों, होटलों और घरों में शरबती गेहूं का ही अधिकतर लोग उपयोग करते हैं.

चमक के चलते बिकता है सबसे महंगा
शरबती गेहूं की खासियत यह है कि इसकी चमक के साथ ही इसके दाने लगभग एक जैसे होते हैं. गेहूं की सभी किस्मों में यह सबसे महंगा बिकता है. लोकमन और अन्य किस्मों के गेहूं जहां दो हजार से 2200 प्रति क्विंटल बिकते हैं. वहीं, शरबती गेहूं का न्यूनतम भाव ही 2800 रुपये होता है. यह आमतौर पर 3300 से 4000 रुपये तक में बिकता है.

टेंपरेचर बड़ा तो 25 से 30% नुकसान की आशंका
कृषि एवं मौसम केंद्र के तकनीकी अधिकारी डॉ एसएस तोमर ने बताया कि आगामी 3 दिनों तक हवा की गति पश्चिम से रहेगी. इसकी वजह से तापमान में बढ़ोतरी होगी. इससे गेहूं के जल्दी पकने की स्थिति बनेगी. जल्दी पकने के चलते प्रोटीन का परसेंटेज कम रहेगा और दाने का वजन भी कम होगा. इससे 25 से 30 पर्सेंट तक का नुकसान हो सकता है.

फसलों को बचाने किसान खेतों में बनाए रखे नमी
कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ एसएस तोमर ने किसानों से निर्देश देते हुए कहा कि जो फसल देरी से बोई गई है, उस खेत में नमी बनाएं रखें. उनके मुताबिक अभी तक फसल बहुत अच्छी चल रही थी. 15 से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना थी, लेकिन आगामी दिनों में तापमान तेजी से बढ़ता है तो औसत उत्पादन ही हो सकेगा.

मौसम में आए अचानक बदलाव को लेकर किसान घनश्याम यादव कहते हैं कि अचानक मौसम में बदलाव के चलते फसल के उत्पादन पर असर पड़ेगा. तेज धूप और बादल के चलते उत्पादन कम होने के साथ ही क्वालिटी पर भी असर दिखाई देगा. हरी फसल एकदम से पक जाएगी. 10 से 20 प्रतिशत नुकसान की संभावना है.

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्टियों पर रोक: जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल। राजधानी में जनगणना और मकानों के सूचीकरण कार्य को गति देने के लिए...

5वीं-8वीं की पुनः परीक्षा 1 जून से: भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की...

एमपी के कॉलेजों में प्रवेश का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार रुपए

भोपाल। मप्र के सरकारी और निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए...