उमेश पाल के हत्यारों की तलाश में धर पकड़ तेज, माफिया अतीक अहमद के बेटों को STF ने उठाया

प्रयगाराज

प्रयागराज में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या की वारदात के बाद सनसनी मच गई है। एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने अतीक अहमद के 2 बेटे एहजम और आबान को पूछताछ के लिए उठाया है। वहीं अतीक के आधा दर्जन से ज्यादा करीबियों को भी उठाया है। क्राइम ब्रांच और STF की टीम पूछताछ कर रही है।

राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम स्वचालित हथियार से गोली मार कर हत्या कर दी गई। उनकी सुरक्षा में लगे दो गनर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान एक गनर की भी मौत हो गई। गोली और बम की तड़तड़ाहट से इलाका थर्रा उठा।

राजू पाल की हत्या में इकलौते गवाह थे
शहर पश्चिम के विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके रिश्तेदार और दोस्त उमेश पाल मुख्य गवाह थे। उमेश ने लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में राजू पाल हत्याकांड की पैरवी की थी। इसी कारण अतीक गिरोह से उनकी खुलेआम दुश्मनी हो गई थी।

उमेश वकील भी थे। वह अधिवक्ता के यूनिफार्म में अपने दोनों गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह के साथ गवाही के लिए जिला कचहरी गए थे। करीब साढ़े चार बजे वे क्रेटा गाड़ी से वापस सुलेमसराय, धूमनगंज स्थित अपने घर के लिए चल दिए। जैसे ही गेट पर गाड़ी रोककर उमेश उतरे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।

उमेश गोली लगने से गिरने के बाद उठकर घर के भीतर भागे। साथ में उनकी सुरक्षा में लगे दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे। लेकिन, हमलावरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां बरसाईं। इस दौरान बदमाशों ने बम भी चलाए।

इलाज के दौरान गई जान
उमेश पाल, सिपाही संदीप और राघवेंद्र लहूलुहान पड़े थे। तीनों को एसआरएन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया।

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