भगवंत मान की प्याज पॉलिटिक्स, गुजरात के किसानों से प्याज खरीदेंगी AAP की दिल्ली-पंजाब की सरकारें

अहमदाबाद

गुजरात की पॉलिटिक्स में प्याज की एंट्री होती हुई दिख रही है। एक दिन के दौरे पर गुजरात पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को भावनगर में प्याज उत्पादक किसानों से मुलाकात की। मान ने कहा किसानों से कहा कि वे प्याज को नष्ट नहीं करें। पंजाब और दिल्ली की सरकार गुजरात के किसानों का प्याज खरीदेंगी। मान भावनगर में आयोजित 201 कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। मान को जब पता चला कि भावनगर के प्याज उत्पादक किसानों को उचित भाव नहीं मिल रहा है तो वे किसानों से मिलने पहुंचे और प्याज खरीदने का वादा किया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात के किसानों से ऐसे वक्त पर प्याज खरीदने का ऐलान किया है जब राज्य में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा हैं। सौराष्ट्र के किसान प्याज का सही दाम नहीं मिलने से पिछले काफी समय से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि प्याज की फसल के लिए जो कीमत उन्होंने खर्च की है। वह उन्हें नहीं मिल रही है। 20 किलो प्याज के उत्पादन पर 250 रुपये का खर्च आता है। जिसके एवज में किसान को 100 से 150 रुपये मिल रहे हैं। जिससे किसानों को प्रति एकड़ करीब 20 हजार का नुकसान हो रहा है। जिस तरह महाराष्ट्र के लासलगांव को भारत की प्याज की राजधानी के रूप में जाना जाता है, उसी तरह प्याज उत्पादन के मामले में सौराष्ट्र को गुजरात की राजधानी कहा जाता है और भावनगर जिले के किसान राज्य में सबसे ज्यादा प्याज उगाते हैं।

गरमा सकती है राजनीति
ऐसे में जब सौराष्ट्र और खासकर भावनगर के किसान प्याज के नहीं बिकने से परेशान हैं तब भगवंत मान के ऐलान से उन्हें जरूर लाभ मिल सकता है। संभावना यह भी है कि इस मुद्दे को राजनीति भी गरमा सकती है। मान ने प्याज उत्पादक किसानों से कहा है कि वे इस मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी बात करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कोई भी प्याज को नष्ट नहीं करे। सौराष्ट्र के प्रमुख गोंडल मार्केटिंग यार्ड और राज्य में भी नंबर पहले नबर है। गोंडल मार्केटिंग यार्ड थोड़े दिन पहले 900 टन प्याज से लदी एक मालगाड़ी असम के लिए रवाना की गई, जिससे व्यापारियों को किराए में और किसानों को प्याज की कीमतों में फायदा हुआ था।

भावनगर है प्याज की खेती का केंद्र
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में भावनगर जिले में 34 हजार हेक्टेयर में प्याज की रोपाई हुई थी. जबकि 2021-22 में जिले में 34,366 हेक्टेयर में प्याज लगाया जा चुका है। पूरे गुजरात की बात करें तो 2020-21 में गुजरात राज्य में 67,736 हेक्टेयर में प्याज लगाया गया था, जो 2021-22 में बढ़कर 99,413 हेक्टेयर हो गया है। बाजार में प्याज की कीमतों में गिरावट के दो कारण हैं। खरीफ फसलों की देर से कटाई के कारण बाजार में बड़ी मात्रा में फसलें पहुंचाई जाती हैं। जिससे फसल की आय मांग से अधिक होती है। दूसरा कारण यह है कि इस साल राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बड़ी मात्रा में प्याज का उत्पादन हो सकता है। जिससे वे गुजरात से कम मात्रा में प्याज का आयात करेंगे। जिसका असर गुजरात के बाजार में कीमतों पर ज्यादा पड़ सकता है।

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