6 महीने की जांच, सिसोदिया समेत 9 गिरफ्तारियां, शक के घेरे में 36… शराब घोटाले के प्रमुख किरदार

नई दिल्ली,

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने रविवार को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सिसोदिया की गिरफ्तारी दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले के मामले में हुई है. सिसोदिया को रविवार को 9 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई का आरोप है कि मनीष सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और उन्होंने सबूतों को मिटाने की कोशिश की. शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर सीबीआई ने 9 महीने पहले मामला दर्ज किया था. इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आईए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और जांच एजेंसियों के मुताबिक इस घोटाले के मुख्य किरदार कौन हैं?

शराब नीति में घोटाले का आरोप
दिल्ली सरकार 2021-22 में नई शराब नीति लेकर आई थी. दिल्ली सरकार का दावा था कि इस पॉलिसी से माफिया राज खत्म हो जाएगा और सरकार का राजस्व बढ़ेगा. दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी लागू हुई तो नतीजे सरकार के दावों के ठीक उलट आए. 31 जुलाई 2022 को कैबिनेट नोट में सरकार ने माना की भारी बिक्री के बावजूद रेवेन्यू का भारी नुकसान हुआ. दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने इस मामले में एलजी वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी थी. इसमें एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी के साथ ही डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगा था.

एलजी ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर 22 जुलाई 2022 को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. सीबीआई ने केस दर्ज कर कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुईं. अब डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.

17 जुलाई 2022 को मामला हुआ था दर्ज
सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को नई आबकारी नीति (2021-22) में धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी के आरोप में मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों पर मामला दर्ज किया था. सिसोदिया के अलावा अरवा गोपी कृष्णा (तत्कालीन आयुक्त (आबकारी), आनंद तिवारी (तत्कालीन उपायुक्त (आबकारी), पंकज भटनागर (सहायक आयुक्त (आबकारी), विजय नायर (पूर्व सीईओ, ओनली मच लाउडर), एक मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमनदीप ढल, इंडोस्पिरिट ग्रुप के निदेशक समीर महेंद्रू, बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, महादेव शराब, सनी मारवाह, अरुण रामचंद्र पिला और अर्जुन पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

ED को घोटाले में 36 लोगों के शामिल होने का शक
22 अगस्त को ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर आबकारी नीति में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया. अब तक जांच एजेंसी 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, इसमें आप के कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर भी शामिल हैं. ईडी का दावा है कि इस घोटाले में करीब 36 लोग शामिल हैं.

विजय नायर के अलावा इस मामले में हैदराबाद के उद्योगपति पी समर्थ रेड्डी और अभिषेक बोइनपल्ली, पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक बिनॉय बाबू, शराब कारोबारी समीर महेंद्रू और बडी रिटेल के निदेशक अमित अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो कॉल पर शराब व्यवसायी और आबकारी नीति घोटाले के मुख्य आरोपी समीर महेंद्रू के साथ बात की और उन्हें आप के विजय नायर पर भरोसा करने के लिए कहा था.

– अभिषेक बोइनपल्ली दिल्ली शराब नीति मामले में हैदराबाद से गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति थे. अभिषेक बोइनपल्ली टीआरएस के संस्थापक सदस्य बोइनपल्ली हनुमंत राव के बेटे हैं. टीआरएस का नाम बदलकर अब भारतीय राष्ट्र समिति हो गया है और बोइनपल्ली हनुमंत राव अब पार्टी में सक्रिय नहीं हैं.

– सीबीआई ने फरवरी में चार्टर्ड अकाउंटेंट बुचिबाबू गोरंटला से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार किया था. बुचिबाबू तेलंगाना के मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता के पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट थे. सीबीआई ने आबकारी नीति मामले में केसीआर की बेटी कविता से भी पूछताछ की थी.

6 महीने की जांच के बाद सिसोदिया की गिरफ्तारी
सीबीआई ने करीब 6 महीने की जांच के बाद मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ 17 अगस्त को मामला दर्ज हुआ था. 9 अगस्त को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया और आप के तीन अन्य सदस्यों के आवास पर छापा मारा था. 30 अगस्त को सीबीआई के पांच अधिकारियों की एक टीम गाजियाबाद के सेक्टर 4 वसुंधरा में पीएनबी की शाखा पहुंची और मनीष सिसोदिया के बैंक लॉकरों की तलाशी ली थी. 17 अक्टूबर को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया से दिल्ली आबकारी नीति मामले में नौ घंटे तक पूछताछ की थी. हालांकि, 25 नवंबर को, सीबीआई ने दिल्ली आबकारी मामले में अपनी पहली चार्जशीट दायर की जिसमें मनीष सिसोदिया को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था.

सीबीआई ने सिसोदिया की गिरफ्तारी पर क्या कहा?
सीबीआई ने बताया कि नई आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के मामले की जांच के लिए उपमुख्यमंत्री और प्रभारी आबकारी मंत्री व 14 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इसमें मुंबई की एक निजी कंपनी के तत्कालीन सीईओ व 6 अन्य लोगों के खिलाफ 25 दिसंबर 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया गया. डिप्टी सीएम को 19 फरवरी 2023 को जांच में सहयोग करने के लिए सीआरपीसी की धारा 41-A के तहत नोटिस जारी किया गया था. हालांकि उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए एक सप्ताह का समय मांगा. उनके अनुरोध पर आज फिर नोटिस जारी किया गया. हालांकि, इस दौरान उन्होंने टालमटोल भरे जवाब दिए और जांच में सहयोग नहीं किया. इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है.

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