इस विदेशी कंपनी ने दिया अडानी ग्रुप को तगड़ा झटका, अपना पूरा ESG फंड निकाला

नई दिल्ली

मुसीबत में फंसे अडानी ग्रुप को एक और झटका लगा है। अमेरिका की मल्टीनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी JPMorgan Chase & Co. की एसेट मैनेजमेंट यूनिट ने अडानी ग्रुप की कंपनियों से अपना पूरा फंड निकाल लिया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। JPMorgan Chase & Co. की एसेट मैनेजमेंट यूनिट ने ईएसजी फंड के रूप में अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश किया था। लेकिन अब उसने अडानी ग्रुप में अपने सारे शेयर बेच दिए हैं। ईएसजी फंड्स म्यूचुअल फंड होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक JPMorgan की अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड में ईएसजी फंड्स के रूप में 0.04% हिस्सेदारी थी। लेकिन अब उसकी अडानी ग्रुप की किसी भी कंपनी में ईएसजी फंड्स के रूप में कोई हिस्सेदारी नहीं है। हालांकि अडानी ग्रुप के नॉन-ईएसजी फंड्स में JPMorgan का निवेश बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक JPMorgan Global Emerging Markets Research Enhanced Index Equity ESG UCITS ETF ने अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड में 70,000 से अधिक शेयर बेच दिए हैं। उसके पास मई, 2021 से ये शेयर थे। इसी तरह JPMorgan AC Asia Pacific ex Japan Research Enhanced Index Equity ESG UCITS ETF ने 1,350 शेयर बेच दिए हैं। हालांकि अब भी कई बड़ी निवेश कंपनियों का अडानी ग्रुप के ईएसजी फंड्स में निवेश है। इनमें BlackRock Inc. और Deutsche Bank AG तथा DWS Group की फंड मैनेजमेंट यूनिट शामिल हैं। इस बारे में

क्यों मचा है कोहराम
अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अडानी ग्रुप के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें दावा किया गया था कि अडानी ग्रुप ने शेयरों में हेराफेरी की है। हालांकि ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया है लेकिन इससे ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है। कई शेयर तो 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए हैं। ग्रुप के मार्केट कैप में 150 अरब डॉलर की तगड़ी गिरावट आई है। इससे ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी भारी गिरावट आई है।

About bheldn

Check Also

किसान आंदोलन का साइड इफेक्ट, एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजार में कारोबार ठप

नई दिल्ली, किसान आंदोलन- 2 का असर अब कारोबार पर दिखने लगा है. क्योंकि कई …