PSL 2023: संन्यास क्यों नहीं ले लेते शोएब मलिक, अपनी ही बेइज्जती करवाने में जुटे

कराची

जब-जब पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट बनेगी तो उसमें शोएब मलिक का नाम जरूर होगा। महज 17 साल की उम्र में अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले मलिक मिडिल ऑर्डर की जान थे। अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को कई मैच भी जिताए। 1 फरवरी 1982 को सियालकोट में जन्मा यह अनुभवी बल्लेबाज अब 41 साल का हो चुका है। लंबे समय से टीम से बाहर हैं और आगे उम्मीद भी नहीं दिखती कि सिलेक्टर्स उन्हें दोबारा चुने। बावजूद इसके वह संन्यास लेने को तैयार नहीं हैं। पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स की ओर से खेल रहे हैं और बेहद घटिया बल्लेबाजी कर रहे हैं।

9 मैच में सिर्फ 200 रन
उम्र के साथ-साथ अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों की फॉर्म में गिरावट आती है। रिफ्लेक्सेस धीमे पड़ जाते हैं। शरीर में पहले जैसी फुर्ती नहीं रहती। यही सब शोएब मलिक के साथ भी हो रहा है, बावजूद इसके वह बल्ला टांगने को तैयार नहीं हैं। अपनी इमेज मटियामेट करने में लगे हैं। मौजूदा सीजन की बात करें तो उनकी टीम कराची किंग्स नीचे से दूसरे नंबर पर है, जिसने नौ में सात मैच गंवा दिए। इसके पीछे मलिक जैसे ही प्लेयर्स हैं, जो टीम पर बोझ बने हुए हैं।

टीम पर बोझ बन गए
13, 12, 1, 10*, 13, 10, 71*, 18, 52… ये पिछली 9 पारियों में दाएं हाथ के इस स्पिन ऑलराइंडर्स के रन हैं। 127 की स्ट्राइक रेट से उन्होंने 200 रन बनाए। मलिक ने दो अर्धशतक जरूर जड़ा, लेकिन उनके लेवल के खिलाड़ी से निरंतरता की उम्मीद होती है। अपने अनुभव से टीम को सींचने की जिम्मेदारी होती है। मगर अब लगता है कि वह टीम पर ही बोझ बन चुके हैं। दुनिया की लगभग हर टी-20 लीग में खेल चुके मलिक को शायद अब यह सोचना होगा कि बतौर प्लेयर उन्हें और कितना खेलना है।

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