अतीक फैमिली फिलहाल BSP में सेफ, लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिमों को नाराज नहीं करना चाहतीं मायावती!

लखनऊ

उमेश पाल की हत्या के बाद माफिया अतीक अहमद और उनके परिवार के खिलाफ सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। इस बीच लोगों की निगाह अतीक के परिवार की राजनीति पर भी है। इस मामले में खासतौर से बसपा प्रमुख मायावती का रुख काफी अहम हो जाता है। पिछले दिनों मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के जो ट्वीट आए हैं, उनको देखकर लगता है कि फिलहाल अतीक का परिवार बसपा में सेफ है। इशारा साफ है कि फिलहाल बसपा अतीक के परिवार पर कोई कार्रवाई नहीं करने जा रही। इसकी वजह साफ है वह जल्दबाजी में निर्णय लेकर खासतौर से मुसलमानों को नाराज नहीं करना चाहती। अगले साल लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में बसपा अपने मुस्लिम वोटबैंक को सहेज कर रखना चाह रही है।

‘दोषी साबित होने पर निष्कासन’
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने जनवरी में ही बसपा जॉइन की थी। उसके बाद फरवरी में उमेश पाल की हत्या हो गई। हत्या के बाद इस मामले में 27 फरवरी को मायावती का पहला ट्वीट आया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में दोषी साबित होते ही शाइस्ता को पार्टी से जरूर निष्कासित कर दिया जाएगा। इसके बाद 7 मार्च को मायावती के दो और ट्वीट आए। उन्होंने कहा कि उमेश की हत्या को लेकर यूपी सरकार खासकर कानून व्यवस्था को लेकर दबाव में है। पूरा देश देख रहा है कि क्या सरकार कानून द्वारा कानून के राज पर अमल करेगी या अपराधियों को सड़क पर समाप्त करके रोकेगी? दूसरे ट्वीट में कहा कि हत्याकांड के बाद काफी आपाधापी में अब तक की गई पुलिस की जो कार्रवाई सामने आई है, उससे लोगों में यूपी की कानून व्यवस्था के प्रति भारी संदेह है। क्या सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए दूसरा ‘विकास दुबे’ कांड करेगी? आकाश ने भी 7 मार्च को मायावती के दूसरे ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार में अपराध में कमी तो नहीं आ रही, लेकिन अपराध खत्म करने के नाम पर परिवार वालों को जरूर परेशान किया जा रहा है। यह कानूनी कार्रवाई नहीं, बदले की कार्रवाई लगती है। चाहे खुशी दुबे का मामला हो या शाइस्ता परवीन का।

जल्दबाजी में निर्णय न लेने की वजह
मायावती और आकाश के इन ट्वीट का साफ मतलब है कि बसपा फिलहाल अतीक के परिवार पर कोई कार्रवाई करने नहीं जा है। इसकी वजह साफ है वह जल्दबाजी में निर्णय लेकर खासतौर से मुसलमानों को नाराज नहीं करना चाहती। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी लगातार मुसलमानों को अपने पक्ष में करने के लिए हर प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ यह बात भी कह दी है कि दोषी पाए जाने पर जरूर निष्कासित किया जाएगा। मतलब साफ है कि दोषी सिद्ध होने तक पार्टी इंतजार करेगी।

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