तो राजनीति छोड़ देंगे…जब बीच बहस BJP और कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने एक दूसरे को दे दी चुनौती

नई दिल्ली

एक निजी न्यूज चैनल के डिबेट के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के प्रवक्ता आपस में ऐसे भिड़े कि बात राजनीति छोड़ने के चैलेंज पर आ पहुंची। न्यूज चैनल ‘आजतक’ पर शाम 6 बजे ‘हल्ला बोल’ का डिबेट कार्यक्रम था। बीजेपी की तरफ से गौरव भाटिया तो कांग्रेस की तरफ से आलोक शर्मा बहस में शामिल हुए। दर्शक दीर्घा भी खचाखच बढ़ा था। डिबेट के दौरान एक दर्शक ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव को लेकर गौरव भाटिया से सवाल किया। बीजेपी प्रवक्ता ने जवाब की शुरुआत आर्टिकल 370 से की। संविधान के इस अनुच्छेद के प्रावधान टेंपररी यानी अस्थायी थे या नहीं, इस पर बीजेपी और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। बात यहां तक पहुंच गई कि दोनों एक दूसरे को राजनीति छोड़ देने की चुनौती देने लगे।

हुआ यूं कि एक दर्शक ने सवाल पूछा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे, क्या बीजेपी हार से डर गई है? इस पर बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया अनुच्छेद 370 का जिक्र करने लगे। उन्होंने कहा, ‘अनुच्छेद 370 में एक शब्द था टेंपररी। टेंपररी हटना था लेकिन इनमें (कांग्रेस में) कभी हिम्मत नहीं हुई टेंपररी शब्द हटाने की। नरेंद्र मोदी आए, टेंपररी हटाया और अखंड हिस्सा कश्मीर भारत का बना।’

इस पर कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि 370 में कहीं कोई टेंपररी शब्द ही नहीं है। पहले तो गौरव भाटिया ने उनके बीच में बोलने पर ऐतराज जताया लेकिन जल्द ही अनुच्छेद 370 को लेकर दोनों के बीच गरमा-गरम बहस होने लगी। आलोक शर्मा बार-बार दोहराते रहे कि 370 में टेंपररी शब्द नहीं था। इस पर गौरव भाटिया ने उन्हें चुनौती दी कि अगर आर्टिकल में टेंपररी वर्ड होगा तो क्या आप राजनीति छोड़ देंगे? आलोक शर्मा ने भी चुनौती देते हुए कहा कि अगर टेंपररी शब्द हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा और अगर नहीं हुआ तो गौरव भाटिया राजनीति छोड़ेंगे।

इसी बीच एंकर ने दखल देते हुए कहा, ‘आर्टिकल 370 वाज ड्राफ्टेड इन पार्ट 21 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन टाइटल्ड टेंपररी, ट्रांजिशनल ऐंड स्पेशल प्रोविजंस।’ यानी आर्टिकल 370 को संविधान के 21वें हिस्से में ‘टेंपररी, ट्रांजिशनल और स्पेशल प्रोविजंस’ शीर्षक के तहत ड्राफ्ट किया गया था। जब एंकर ये बता रही थीं तब पेशे से वकील बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया जोर देकर कहते दिखे कि टेंपररी पहला शब्द है, चैप्टर ही यही है टेंपररी, ट्रांजिशनल और स्पेशल प्रोविजंस।

इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा अपनी ही बातों में फंस गए। उन्होंने बड़ी चतुराई से बात को घुमाते हुए कहा कि लेटर ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) में हमेशा के लिए जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बना, टेंपररी नहीं बना। दर्शक के इस सवाल पर कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव कब होगा, भाटिया ने कहा कि ये चुनाव आयोग तय करेगा।

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