राहुल गांधी की 150 दिन की भारत जोड़ो यात्रा की मेहनत पर 4 दिनों में BJP ने फेर दिया पानी?

नई दिल्ली

राहुल गांधी ने पांच महीने की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कड़ी मेहनत की। करीब 150 दिनों की इस यात्रा के जरिये कांग्रेस नेता ने पार्टी में नई जान फूंकने की कोशिश की। विपक्ष भी उनके साथ खड़ा दिखाई दिया। देश-दुनिया के मीडिया ने इसे कवर किया। उनकी यात्रा लगातार सुर्खियों बनी रही। इस पूरी यात्रा में जनसैलाब देखने वाला था। 3,750 किलोमीटर की यह पैदल यात्रा कन्‍याकुमारी से शुरू होकर श्रीनगर में खत्‍म हुई थी। कांग्रेस का दावा था कि उनकी यात्रा देश में बेरोजगारी, महंगाई, हिंसा और नफरत के खिलाफ थी। सड़क पर निकलकर राहुल ने सत्‍तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे ललकार दिया था। लेकिन, लंदन में भारतीय लोकतंत्र पर उनके बयान से हालात बदल गए हैं। बीजेपी ने इस मुद्दे को दोनों हाथों से गोंच लिया है। इसे लेकर वह राहुल पर हमलावर है। कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष पूरे मामले में घिरते जा रहे हैं। उन पर माफी मांगने का दबाव बनता जा रहा है। इस मुद्दे पर संसद नहीं चल पा रही है। राहुल ने पूरे मामले में शुक्रवार को सदन में बोलने के लिए कहा है। हालांकि, अंदेशा भी जताया है कि बीजेपी शायद उन्‍हें नहीं बोलने दे। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है। कहीं बीजेपी ने 4 दिनों में राहुल की 150 दिनों की भारत जोड़ो यात्रा की मेहनत पर पानी तो नहीं फेर दिया है?

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से सत्ता पक्ष राहुल पर हमलावर है। भारतीय लोकतंत्र के संबंध में राहुल के बयान पर उसने कांग्रेस नेता को घेर लिया है। राहुल से बीजेपी नेता माफी की मांग कर रहे हैं। राहुल पर भारत विरोधी ताकतों की भाषा बोलने का आरोप लग रहा है। बीजेपी ने मांग की है कि राहुल गांधी को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। हाल में राहुल लंदन गए थे। एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कांग्रेस नेता ने कई आरोप लगाए थे। उन्‍होंने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र के ढांचे पर बर्बर हमला हो रहा है। अफसोस जताया था कि अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के लोकतांत्रिक हिस्से इस पर ध्यान देने में नाकाम रहे हैं। उन्‍होंने खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया था। वह बोले थे मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं। बीजेपी ने इसे विदेश से भारत के लोकतंत्र पर हमले के तौर पर पेश किया। केंद्रीय मंत्री क‍िरेन र‍िज‍ीजू, स्‍मृति ईरानी से लेकर रविशंकर प्रसाद तक पार्टी के तमाम द‍िग्‍गज नेताओं ने राहुल के ख‍िलाफ मोर्चा खोल रखा है।

भारत जोड़ो यात्रा से राहुल ने बना ली थी अलग छवि
बीजेपी आरोप लगाती है कि राहुल को ज्‍यादातर लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं। भगवा पार्टी ने उन पर ‘पप्‍पू’ का तमगा जड़ दिया है। कांग्रेस ने पिछले कुछ सालों में जिस तरह जमीन गंवाई है, उसने इसे बल दिया। 2014 से तमाम राज्‍यों में एक के बाद एक चुनावी हार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल को तहस-नहस कर दिया था। पार्टी में जान फूंकने और छवि सुधारने में राहुल की भारत जोड़ो यात्रा ने काम किया। करीब डेढ़ सौ दिनों की इस यात्रा के दौरान राहुल लोगों की नब्‍ज टटोलते दिखे। इस यात्रा में बड़ी संख्‍या में लोगों ने शिरकत की। कन्‍याकुमारी से कश्‍मीर तक जहां भी यात्रा निकली, लोगों की भारी भीड़ नजर आई। 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले राहुल की यात्रा ने हलचल पैदा की।

बीजेपी को थाली में म‍िल गया है मुद्दा
हालांकि, विदेश में जाकर प्रधानमंत्री पर हमला ज्‍यादातर लोगों को सहज नहीं लगा। बीजेपी ने भी इसे कांग्रेस के खिलाफ मुद्दा बना लिया। पीएम मोदी को दो-दो बार जनता ने देश का नेतृत्‍व करने का मौका दिया है। बीजेपी का कहना है कि ऐसा करके राहुल ने सिर्फ देश का ही नहीं उसकी जनता का भी अपमान किया है। इस मसले को लेकर राहुल पर माफी मांगने का बदाव बढ़ता जा रहा है। संसद चल नहीं पा रही है। राहुल ने इसे अडानी मामले से ध्‍यान भटकाने की कोशिश बताया है। दूसरी ओर बीजेपी को यह मुद्दा बैठे बैठाए मिला है। लोकसभा चुनाव से पहले राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए जो मेहनत की थी, यह उस पर पानी फेर सकता है। सिर्फ अगले साल लोकसभा चुनाव ही नहीं, इस साल कई राज्‍यों में होने वाले चुनावों पर भी इसका असर पड़ने के आसार हैं।

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