12 C
London
Saturday, April 18, 2026
HomeभोपालMP के 3800 गांव में 1.5 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट: गेहूं, चना,...

MP के 3800 गांव में 1.5 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट: गेहूं, चना, सरसों बर्बाद, विदिशा में सबसे ज्यादा नुकसान

Published on

भोपाल

मार्च में मौसम की ऐसी मार पड़ी कि फसलें खेतों में ही तबाह हो गईं। किसान रो दिए। रायसेन में एक किसान की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि सदमे में किसान की जान चली गई। गेहूं, चना, सरसों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। संतरा, लहसुन, धनिया, मसूर, इसबगोल, अलसी की फसल भी प्रभावित हुई है।

मध्यप्रदेश के किसानों पर मौसम की मार का सरकार दो फेज में सर्वे करा रही है। पहले फेज में 6 से 9 मार्च के बीच आंधी, पानी और ओले गिरने से 16 जिलों के 3280 गांव में 1.09 लाख किसान की 1.25 लाख हेक्टेयर की फसल नष्ट होने की जानकारी सामने आई है। रही सही कसर 16 से 19 मार्च के बीच बिगड़े मौसम ने पूरी कर दी। शुरुआती सर्वे में 27 जिलों में नुकसान माना जा रहा है। दूसरे फेज में अभी तक की रिपोर्ट में 19 जिलों के 525 गांवों में 33884 किसानों की 38985 हेक्टयर फसल खराब हो गई।

दोनों फेज की प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट की बात करें तो मध्यप्रदेश के साढ़े तीन हजार से ज्यादा गांवों में 1.5 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल को नुकसान हुआ है। शुरुआती सर्वे में जहां ओले पड़े हैं, वहां फसलों को 50 से 85% तक नुकसान माना जा रहा है। विदिशा में सबसे ज्यादा 49883 हेक्टेयर (पहले फेज के सर्वे में 45875, दूसरे फेज में 4008) में फसल को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा 38078 किसान (पहले फेज में 36073, दूसरे में 2005) भी विदिशा में ही प्रभावित हुए हैं। मंदसौर में सबसे ज्यादा 819 गांव में नुकसान माना जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 मार्च तक सर्वे पूरा करने को कहा है।

6 से 9 मार्च के बीच 43 जिलों में बारिश, ओले
3 से 9 मार्च के बीच साउथ वेस्ट राजस्थान में चक्रवात बना था। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहा। साउथ कोंकण से लेकर सेंट्रल छत्तीसगढ़ तक ट्रफ लाइन गुजरने से सिस्टम और मजबूत हो गया। इस वजह से 6 से 9 मार्च के बीच मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, पानी के साथ ओले गिरे। 43 जिलों पर असर पड़ा।

16 से 19 मार्च के बीच दो स्ट्रॉन्ग ने बदला मौसम
उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहले से एक्टिव था, 16 मार्च से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी लेकर आईं। असर यह हुआ कि मध्यप्रदेश में हवा-पानी के साथ ऐसे ओले गिरे कि खेत बर्बाद हो गए। 27 से ज्यादा जिलों में असर पड़ा है। ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रशासन ने शुरुआती सर्वे में 60 से 85% नुकसान का अनुमान जताया है।

CM शिवराज बोले- नुकसान का सर्वे करें और सूची पंचायत में लगाएं
प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों को लेकर CM शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मीटिंग ली। CM ने कहा कि सर्वे में लापरवाही न हो। पूरी ईमानदारी से सर्वे किया जाए। किसी भी प्रकार की गलती न हो। रेवेन्यू, कृषि और पंचायत विकास के अमले को सर्वे में एक साथ शामिल करें। सर्वे पूरा होने के बाद सूची को पंचायत के दफ्तर में लगा दिया जाए। सर्वे होने के बाद किसी किसान की आपत्ति आती है तो उसका भी निराकरण किया जाए। आरबीसी 6-4 के अंतर्गत फसल नुकसान की भरपाई की जाएगी। पशु हानि की भी सूचना आई है पशु हानि के भी नुकसान की भरपाई मध्यप्रदेश सरकार करेगी। फसल सर्वे का पूरा काम 25 मार्च तक हो जाएगा।

Latest articles

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

पूर्व प्रेमी ने युवती और उसके दोस्त का किया अपहरण, मारपीट के बाद छोड़ा

भोपाल। मिसरोद थाना क्षेत्र में एक युवती और उसके दोस्त के अपहरण का मामला...

पटेल नगर स्थित दादाजी धाम मंदिर में 19 अप्रैल को मनेगा भगवान परशुराम जन्मोत्सव

भोपाल। राजधानी के रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित जागृत तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर...

मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास: भोपाल की चांदनी ने 12वीं कॉमर्स में प्रदेश में किया टॉप

भोपाल। संघर्ष और जुनून जब साथ मिल जाते हैं तो अभाव भी सफलता की...