विपक्षी सांसद सामूहिक इस्तीफा दें…पप्पू यादव के बाद अब आरजेडी की मांग, रणनीति या फिर पैंतराबाजी?

पटना

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराये जाने के विरोध में रविवार को सभी विपक्षी सांसदों से इस्तीफा देने का आह्वान किया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लोकतंत्र पर खतरे के खिलाफ लड़ाई में देश का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। विधायक एवं राजद के मुख्य प्रवक्ता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राम लखन सिंह यादव की जयंती के अवसर पर एक समारोह में यह बात कही। इस मौके पर नीतीश कुमार भी उपस्थित थे। वीरेंद्र ने पिछले साल जद (यू) नेता नीतीश के भाजपा नीत राजग से अलग होने के संदर्भ में कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्षी एकता के लिए एक उदाहरण पेश किया है।

भाई वीरेंद्र के बयान के मायने
उन्होंने कहा कि मेरे विचार में, राहुल गांधी के साथ जो हुआ है वह अंत नहीं है। यह सिर्फ शुरुआत हो सकती है। मेरे नेता (उपमुख्यमंत्री) तेजस्वी यादव पहले से ही उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। मैं कतार में अगला हो सकता हूं। लोकतंत्र पर खतरे के खिलाफ लड़ाई में पूरा विपक्ष कूद पड़ा है। राजद नेता ने कहा कि विपक्ष के सभी सांसद इस्तीफा देकर शुरुआत कर सकते हैं। और उसके बाद, हमारे मुख्यमंत्री इस लड़ाई में देश की अगुवाई कर सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पूर्व दिल्ली पहुंचे तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया था। तेजस्वी यादव ने कहा था कि आम चुनाव में जिन राज्यों में क्षेत्रीय दल मजबूत हैं। कांग्रेस को वहां की कमान उन दलों को सौंप देनी चाहिए। सियासी जानकार मानते हैं कि एक तरफ राहुल को हुई सजा को लेकर विपक्ष केंद्र के विरोध में है। वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार चुप हैं। भाई वीरेंद्र के बयान के कोई मायने नहीं हैं, जब तक कांग्रेस के समर्थन में नीतीश कुमार नहीं आते हैं।

तेजस्वी ने भी दिया था बयान
आपको बता दें कि दिल्ली पहुंचने पर तेजस्वी ने कहा था कि विपक्ष में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। 2024 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जीत हासिल करने के लिए जहां भी क्षेत्रीय दल मजबूत हैं। वहां कमान उन्हें ही दी जानी चाहिए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके साथ क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस को एक साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस बिहार में महागठबंधन का हिस्सा है। बिहार में हम बड़ी पार्टी हैं, लेकिन कांग्रेस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। लालू जी, नीतीश जी और हम सभी प्रयास कर रहे हैं कि कांग्रेस और क्षेत्रीय दल एक साथ आएं और यह तय करें कि आगे का रास्ता क्या होगा।

नीतीश पर बयानबाजी तेज
तेजस्वी ने कहा था कि एक बात स्पष्ट है, हमने पहले भी कहा है, जहां भी क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, उन्हें कमान मिलनी चाहिए, कांग्रेस के लोगों को यह समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा से सीधा मुकाबला है, कांग्रेस को उनसे मुकाबला करना चाहिए, ऐसी लगभग 200 सीटें हैं। आपको बता दें कि राहुल की सजा पर आरजेडी के एक्टिव होने और नीतीश के चुप रहने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने भी बड़ा बयान दिया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी यह संकेत देती है कि जनता दल (यूनाइटेड) के नेता विपक्षी खेमे के नेतृत्व का दावा करने की संभावना से खुश हैं। भाजपा नेता ने ‘मेरा नाम सावरकर नहीं है’ वाली टिप्पणी के लिए गांधी की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस नेता को हिंदुत्व के प्रतीक सावरकर की तरह बनने में कई जीवन लग जाएंगे। गिरिराज ने कहा कि उन्हें (कुमार को) खुश होना चाहिए कि उनकी संभावनाएं उज्जवल हो गई हैं। आखिरकार, शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा की महत्वाकांक्षा सभी दलों (भाजपा विरोधी) की परिभाषित विशेषता बन गई है।

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