​फंस गए! सोचा था जॉब रहते चुक जाएगा होम लोन, बढ़ते ब्याज से रिटायरमेंट के बाद भी भरनी होगी EMI

नई दिल्ली

नौकरीपेशा लोगों के लिए अपने घर का सपना बैंक के होम लोन  से ही पूरा होता है। लेकिन जिस तरह से पिछले एक साल में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो रही है, ये सपना जेब पर भारी पड़ने लगा है। भारी भी इतना कि आप चाहकर भी इस दर्द से आसानी से छुटकारा नहीं पा सकते। मिडिल क्लास नौकरीपेशा लोग लाखों रुपये का होम लोन लेकर फ्लैट खरीदते हैं। लोन लेते वक्त तो यही सोचते हैं कि 20 से 30 साल से इस कर्ज के बोझ से आसानी से निपट जाएंगे, लेकिन ये लोन इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ता। बीते एक सालों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI) ने ब्याज दर में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी की है, होम लोन का इंटरेस्ट रेट 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 9.5 फीसदी से भी ऊपर पहुंच गया है। बैंक होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन अगर आपकी EMI नहीं बढ़ रही तो जरा संभल जाइए। आपका होम लोन आपके लिए ‘साइलेंट किलर ‘ बन सकता है।

​रिटायरमेंट के बाद भी नहीं छूटेगा पीछा​
जो होम लोन आपने ये सोचकर लिया था कि नौकरी रहते-रहते चुका कर कर्जमुक्त हो जाएंगे, आपकी उस उम्मीद पर पानी फिर गया है। हो सकता है कि आपने अब तक इस बात पर गौर ना भी किया हो। आपके होम लोन पर लगने वाली ब्याज दर लगातार बढ़ रही है। एक साल पहले जो लोन आपने 6.5 या 7% की ब्याज दर से लिया है, एक साल बाद वो 9.5 फीसदी और कई बैंकों में तो 10 फीसदी को भी पार कर चुका है। लोन की ब्याज दरें बढ़ी, लेकिन आपकी ईएमआई नहीं बढ़ रही। जरा सोचिए क्यों? दरअसल बैंक बिना आपको बताए ईएमआई बढ़ाने के बजाए आपके लोन के टेन्योर को बढ़ाते जा रहा है। लोगों के होम लोन का टेन्योर 2 साल तक बढ़ गया है। यानी जो लोन आपने 20 या 30 साल के लिए लिया था, अब वो बढ़कर 22 और 32 सालों के लिए हो गया है। आसान भाषा में समझते तो होम लोन की ईएमआई नौकरी के बाद यानी रिटायरमेंट के बाद भी आपका पीछा नहीं छोड़ने वाली है।

​प्राइवेट नौकरीवालों का दर्द​
प्राइवेट नौकरी करने वालों की हालात तो और खराब है। लोन का टोन्योर 2 से ढ़ाई और कई बैंकों में 3 साल तक बढ़ चुका है। प्राइवेट नौकरी करने वाले रोहित जयपाल ने अप्रैल 2022 में HDFC बैंक से 50 लाख रुपये का होम लोन 6.5 फीसदी की दर से लिया था। आज ब्याज की दर 9% पर पहुंच चुकी है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण उनके होम लोन का टेन्योर उनके रिटायरमेंट के बाद तक पहुंच गया। रोहित की तरह की लाखों लोग इस मुसीबत से घिरते जा रहे हैं। अब जरा सोचिए रिटायरमेंट के बाद जब आपकी मंथली सैलरी बंद हो जाएगी, इनकम कम हो जाएगा। आप EMI का ये बोझ कैसे सह पाएंगे। बढ़ती महंगाई में तमाम खर्चों के बीच ईएमआई का बोझ कैसे सहा जाएगा?

​एक साल में 6.5 से 9% पर पहुंचा होम लोन का ब्याज​
एक साल पहले घर खरीदने वालों को 6. 5% की दर से होम लोन मिल रहा था, लेकिन पिछले 10 महीनों में होम लोन की ब्याज दरों में जबरदस्त तेजी की आ चुकी है। जिन लोगों ने अप्रैल 2022 में 6.5% की दर से लोन लिया था , अब उन्हें 9% के दर से ब्याज देना पड़ रहा है। लोन रिपेमेंट का टेन्योर रिटायरमेंट के बाद तक पहुंच गया है। आरबीआई की ओर से रेपो रेट (Repo Rate) में तेजी से हो रहे इजाफे का असर होम लोन की ब्याज दर पर पड़ा है। आज की तारीख में लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें लोन खत्म होने की अवधि कर्जदाता के रिटायरमेंट से भी अधिक हो गई है। उन लोगों को झटका लगा है, जिन्होंने फ्लोटिंग रेट्स पर होम लोन ले रखा है। फ्लोटिंग रेट्स मतलब ब्याज दर बढ़ने के साथ उसके लोन का टेन्योर या EMI बढ़ जाती है।

​कैसे कम होगा ये बोझ​
-होम लोन का बोझ कर करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।
-अगर आप अपना लोन किसी ऐसे बैंक में ट्रांसफर कराएं, जहां कम ब्याज पर लोन मिल रहा है तो आपको थोड़ी राहत मिल सकती है।
-लोन के मूलधन का कुछ हिस्सा प्रीपेमेंट कर आप लोन का बोझ कम कर सकते हैं।
-बैंक में सीधे जाकर होम लोन की ब्याज दर को कम करने के लिए बातचीत कर सकते हैं।

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